तेहरान, 08 अप्रैल। ईरान ने अमेरिका को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि उसे अब सीजफायर और युद्ध में से एक विकल्प चुनना होगा।
विदेश मंत्री का स्पष्ट बयान
अब्बास अराघची ने कहा कि मौजूदा हालात में दोनों चीजें साथ नहीं चल सकतीं। अगर अमेरिका वास्तव में संघर्ष विराम चाहता है तो उसे इसे पूरी तरह लागू करना होगा। वहीं, यदि इजराइल के जरिए सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो इसे सीजफायर नहीं माना जा सकता।
लेबनान का भी किया जिक्र
अराघची ने लेबनान में जारी हिंसा का हवाला देते हुए कहा कि पूरी दुनिया हालात पर नजर रखे हुए है। उन्होंने अमेरिका से स्पष्ट रुख अपनाने और अपने वादों पर खरा उतरने की बात कही।
तनाव के बीच आया बयान
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक हैं। एक ओर संघर्ष विराम की घोषणा हुई है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में हमले जारी हैं, जिससे शांति प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय नजरें अमेरिका पर
माना जा रहा है कि ईरान का यह बयान दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। अब वैश्विक स्तर पर नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका आगे क्या कदम उठाता है और क्या इससे क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में प्रगति हो पाएगी।






