गुमला: आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन से गुमला समेत पूरे जनजातीय समाज में शोक का माहौल है। देर रात उनका पार्थिव शरीर गुमला पहुंचा, जिसके बाद डीएसपी रोड स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। शनिवार दोपहर 12 बजे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
निडर और संघर्षशील महिला के रूप में याद की जा रहीं निशा भगत
निशा भगत के करीबी लोगों ने उन्हें निडर, साहसी और संघर्षशील महिला बताया। उनके अनुसार, वह जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहती थीं। संगठन के कार्यों के प्रति उनकी लगन और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखने के कारण उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी।
वह जनजातीय और सामाजिक मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहती थीं। उनके निधन से समर्थकों, शुभचिंतकों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों में गहरा दुख है।
रघुवर दास ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
निशा भगत की मौत के बाद राज्य की राजनीति में भी मामला चर्चा का विषय बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने परिजनों से मुलाकात के बाद राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निशा भगत कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठा रही थीं, लेकिन सरकार ने उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।
रघुवर दास ने आरोप लगाया कि सिस्टम के कारण निशा भगत मानसिक तनाव में थीं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की सच्चाई सामने आ सके।
पिता ने की सीबीआई जांच कराने की मांग
निशा भगत के पिता ने भी अपनी बेटी की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
इससे पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी निशा भगत के परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने भी मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई थी।
रांची के 19 सांगठनिक मंडलों में भाजपा करेगी पुतला दहन
निशा भगत की मौत को लेकर भाजपा ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। भाजपा रांची महानगर की ओर से शनिवार को शहर के सभी 19 सांगठनिक मंडलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा।
यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच आयोजित होगा। भाजपा ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
निशा भगत के निधन के बाद गुमला में शोक का माहौल है। उनके आवास पर लोग पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वहीं, परिवार, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग लगातार उठाई जा रही है। शनिवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के गुमला पहुंचने के साथ यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में रहेगा।






