रांची। शहरवासियों को नगर निगम की सेवाओं के लिए अब बार-बार कचहरी स्थित निगम मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। रांची नगर निगम शहर के अलग-अलग हिस्सों में 7 सर्किल कार्यालय विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इन कार्यालयों के शुरू होने के बाद लोगों को उनके घर के नजदीक ही कई जरूरी नागरिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
7 स्थानों का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
इसी योजना के तहत नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शनिवार को निगम की टीम के साथ सात स्थानों का निरीक्षण किया। इनमें वार्ड 21 बड़ा तालाब, वार्ड 32 पंडरा, वार्ड 6 बांधगाड़ी, वार्ड 42 धुर्वा निर्वाचन कार्यालय के समीप, वार्ड 41 शाखा मैदान धुर्वा, वार्ड 52 नायक टोली हटिया और वार्ड 44 स्थित डोरंडा अंचल कार्यालय शामिल हैं।
इन स्थानों पर मौजूद नगर निगम और सरकारी भवनों को सर्किल कार्यालय के रूप में विकसित करने की संभावनाएं देखी गईं। डोरंडा अंचल कार्यालय में पहले से ही निगम की कुछ सेवाएं संचालित हो रही हैं।

जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से ट्रेड लाइसेंस तक की सुविधा
प्रस्तावित सर्किल कार्यालयों में लोगों को कई सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, होल्डिंग और जलकर से जुड़े आवेदन व भुगतान, ट्रेड लाइसेंस, प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन और सिविल कार्यों से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं।
इस व्यवस्था के लागू होने से अलग-अलग काम के लिए लोगों को निगम मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें अपने क्षेत्र के नजदीक ही सेवाएं मिल सकेंगी।
भवनों में होंगी जरूरी सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, बिजली-पानी, शौचालय, फर्नीचर और कंप्यूटर जैसी जरूरी सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नागरिकों के लिए भवनों के बाहर शेड और प्रतीक्षास्थल बनाने को भी कहा गया है।
बड़ा तालाब स्थित भवन में पेड़ों की छंटाई, सीढ़ियों और शौचालय की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। पंडरा में रंगाई-पुताई के साथ घास की कटाई और पेवर ब्लॉक लगाने को कहा गया है। वहीं बांधगाड़ी में भवन की मरम्मत और आसपास की जमीन का समतलीकरण कराया जाएगा।
धुर्वा और हटिया में भी होगा विकास
धुर्वा के दोनों प्रस्तावित स्थलों पर सफाई, रंग-रोगन और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। शाखा मैदान में खाली जमीन पर सामुदायिक शौचालय और शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य नागरिक सेवाओं को विकेंद्रीकृत करना और लोगों को घर के पास ही सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे निगम मुख्यालय पर भीड़ कम होने के साथ-साथ नागरिकों का समय और परेशानी दोनों बचेंगे।






