लखनऊ। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने बड़ा बयान जारी किया है। न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरी ने बताया कि महामंत्री चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा का त्यागपत्र प्राप्त हो गया है। इन इस्तीफों पर न्यास की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा।
शनिवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्वामी गोविंददेव गिरी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में श्रीराम मंदिर से जुड़ी घटनाओं से न्यास स्तब्ध, आहत और अत्यंत दुखी है। उन्होंने कहा कि रामभक्तों और रामसेवकों के प्रतिनिधि के रूप में न्यास निष्पक्ष जांच कराने और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चढ़ावे की वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित : न्यास
न्यास ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिन भक्तों ने चांदी की ईंटें, आभूषण या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं प्रभु श्रीराम की सेवा के लिए न्यास के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से सौंपी हैं, वे सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब उपलब्ध है।
दानपात्र मामले में दर्ज हुई एफआईआर
स्वामी गोविंददेव गिरी ने बताया कि मंदिर के दानपात्रों से प्राप्त राशि से जुड़े मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर न्यास ने एफआईआर दर्ज कराई है। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
उन्होंने कहा कि न्यास यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी कोई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।
अफवाहों से बचने की अपील
कोषाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक, अधार्मिक और स्वार्थी तत्व इस पूरे विवाद की आड़ में सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित हो रही भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और दूसरों को भी अफवाहों से बचने के लिए जागरूक करें।
स्वामी गोविंददेव गिरी ने विश्वास जताया कि विवाद से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद जल्द ही सत्य सामने आएगा और श्रद्धालुओं की सभी शंकाओं का समाधान होगा।






