काराकस: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के कुछ दिनों बाद ही वेनेजुएला की राजधानी में काराकस में अमेरिकी सेना ने जोरदार हमला कर दिया है. काराकस में कम से कम 7 धमाके की आवाज सुनाई दी है. कई विमानों को कम ऊंचाई पर उड़ते देखा गया है. जैसे ही विस्फोट हुआ लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए. यह हमला वेनेजुएला की राजधानी काराकस के साथ-साथ मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा में हुए. जिसके बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है.
वेनेजुएला की मादुरो सरकार ने कहा कि वेनेजुएला को डराने और धमकाने के ऐसे अमेरिकी प्रयास सफल नहीं होंगे. अमेरिका के इस कदम के बाद दुनिया एक और जंग के मुहाने पर आ गया है. गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की तेल कंपनियों पर नई पाबंदी लगाई है. अमेरिका के वित्त विभाग ने वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री से जुड़ी चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है. इसके साथ ही इन चारों कंपनियों से जुड़े तेल टैंकरों को बढ़ते बैन की लिस्ट में जोड़ा.
अमेरिकी मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार अमेरिका ने वेनेजुएला पर दबाव बनाने के लिए यह कदम उठाया है. अमेरिकी वित्त विभाग के दफ्तर ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि बैन एरीज ग्लोबल इन्वेस्टमेंट एलटीडी, कॉर्नियोला लिमिटेड, क्रेप मर्टल कंपनी एलटीडी और विंकी इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ-साथ उनसे जुड़े जहाजों डेला, वैलिएंट, नॉर्ड स्टार और रोजालिंड पर लगाया गया है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को पुष्टि की थी कि यूएस ने वेनेजुएला में एक डॉक पर हमला किया. ट्रंप ने कहा कि इसका इस्तेमाल नावों पर ड्रग्स लोड करने के लिए किया जाता था और यह वेनेजुएला के खिलाफ पहला जमीनी हमला था. यह वेनेजुएला के सबसे बड़े एक्सपोर्ट और उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का एक तरीका था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इससे पहले वेनेजुएला सरकार को आतंकवादी संगठन करार दिया था.
क्यों एक-दूसरे के जानी दुश्मन हैं ये देश?
यह लड़ाई रातों-रात शुरू नहीं हुई. इसकी जड़ें बहुत पुरानी हैं. ह्यूगो चावेज़ के जमाने में वेनेजुएला ने तेल से खूब पैसा कमाया और उसे सोशल प्रोग्राम्स में लगाया. लेकिन समय के साथ वहां की सरकारी तेल कंपनी PDVSA राजनीति का शिकार हो गई और तेल उत्पादन गिरता गया.
2013 में निकोलस मादुरो के आने के बाद हालात और बिगड़े. महंगाई इतनी बढ़ी कि लोगों के पास खाने के लाले पड़ गए. अमेरिका ने पहले नशीले पदार्थों की तस्करी के नाम पर प्रतिबंध लगाए, फिर 2015 में इसे सुरक्षा के लिए खतरा घोषित कर दिया.
2019 में जब अमेरिका ने विपक्षी नेता जुआन गुआदो को राष्ट्रपति मान लिया, तो विवाद और गहरा गया. पिछले कुछ समय से अमेरिका ‘डार्क फ्लीट’ यानी उन जहाजों पर सख्ती कर रहा था जो चोरी-छिपे वेनेजुएला का तेल बेच रहे थे. 29 दिसंबर 2025 को भी अमेरिका ने ऐसे ही एक ठिकाने पर हमला किया था, जो आज के बड़े हमलों की भूमिका थी.





