विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने लगाया सिंदूर का पौधा, बताया नारीशक्ति का प्रतीक

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने दिल्ली स्थित आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर सिंदूर का पौधा लगाया। यह पौधा उन्हें हाल ही में गुजरात के कच्छ क्षेत्र में यात्रा के दौरान वहां की वीरांगना माताओं और बहनों ने उपहार स्वरूप भेंट किया था। पीएम मोदी ने इस भावुक क्षण को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि यह पौधा देश की नारीशक्ति के शौर्य और प्रेरणा का प्रतीक बनेगा।

ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा भावनात्मक संबंध

यह पहल ऐसे समय पर आई है जब भारत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को लक्ष्य बनाते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया था। सिंदूर, पारंपरिक रूप से हिंदू विवाहित महिलाओं द्वारा लगाया जाता है, जो उनके सुहाग और शक्ति का प्रतीक होता है। इस पौधे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र रक्षा में महिलाओं के योगदान को भी सम्मानित किया।

PM मोदी का संदेश: स्वार्थ से ऊपर उठे विश्व

एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सभी देशों को स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करना इस वर्ष के पर्यावरण दिवस की मुख्य थीम है और भारत पिछले कुछ वर्षों से इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत का “मिशन लाइफ” (LiFE – Lifestyle for Environment) अब एक वैश्विक जन आंदोलन बन चुका है। लाखों लोग अब अपने जीवन में Reduce, Reuse, Recycle की नीति को अपना रहे हैं।

सिंदूर के पौधे की विशेषता

सिंदूर के पौधे को वैज्ञानिक भाषा में बिक्सा ओरेलाना (Bixa orellana) कहा जाता है। यह मुख्यतः दक्षिण अमेरिका, मैक्सिको, और भारत के कुछ क्षेत्रों – विशेष रूप से महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश – में पाया जाता है।
इसके फल और बीजों से मिलने वाला प्राकृतिक लाल रंग धार्मिक और सौंदर्य उपयोगों में आता है, जो त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित होता है। इसे कुमकुम ट्री, कमीला ट्री, या लिपस्टिक ट्री के नाम से भी जाना जाता है।

औषधीय गुणों से भरपूर

सिंदूर का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसके बीज और रस का उपयोग बुखार कम करने, मधुमेह नियंत्रण, रक्त शोधन, और हृदय को मजबूत करने जैसे कार्यों में किया जाता है। यह पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में लंबे समय से उपयोग किया जा रहा है।

पीएम मोदी की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए जनता से अपील की कि वे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए अपने प्रयासों को और तेज करें। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों की सराहना करता हूं जो हमारे पर्यावरण को हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।”

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