Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

लंबे इलाज से छुटकारा, 6 महीने में टीबी पर काबू—नया उपचार ज्यादा प्रभावी

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन में पाया गया है कि दवा-प्रतिरोधी टीबी (डीआर-टीबी) के इलाज के लिए छह महीने के छोटे और पूरी तरह मौखिक (मुंह से खिलाई जाने वाली दवाओं) उपचार किसी भी तरह के अन्य उपचार से अधिक प्रभावी है। यह उपचार न केवल सस्ता है बल्कि इससे बीमारी जल्दी ठीक हो जाती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अध्ययन आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरकुलोसिस (आईसीएमआर-एनआईआरटी) ने किया है। इसमें बेडाक्विलिन आधारित उपचार पद्धतियों जैसे बीपीएएल (बीपीएएल: बेडाक्विलिन, प्रिटोमानिड और लाइनजोलिड) और बीपीएएलएम (बीपीएएलएम: मोक्सीफ्लॉक्सासिन सहित) की तुलना मौजूदा 9–11 महीने और 18–20 महीने वाले लंबे उपचारों से की गई।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

इस अध्ययन के नतीजों में सामने आया कि बीपीएएल पद्धति न सिर्फ ज्यादा असरदार है बल्कि खर्च भी बचाती है। हर अतिरिक्त क्वालिटी एडजस्टेड लाइफ ईयर (क्यूएएलवाई) के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को प्रति मरीज 379 रुपये कम खर्च करना पड़ता है। बीपीएएलएम भी बेहद किफायती पाया गया, जिसमें केवल 37 रुपये अतिरिक्त खर्च पर बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

उल्लेखनीय है कि दवा-प्रतिरोधी टीबी का इलाज लंबे समय तक चलता है, महंगा होता है और मरीजों को कई दुष्प्रभाव झेलने पड़ते हैं। छोटे और पूरी तरह मौखिक उपचार से मरीजों की तकलीफ कम करते हैं, इलाज आसान होता है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930