राफिया नाज़ बोलीं- झारखंड में महिला सुरक्षा सिर्फ कागजी दावों तक सीमित, हर साल सैकड़ों बच्चे लापता, भाजपा ने सरकार को घेरा

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—भाजपा ने राज्य सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप, महिला सुरक्षा को लेकर उठाए गंभीर सवाल

रांची, 29 मई। Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने झारखंड में महिला एवं बाल तस्करी, बच्चों की गुमशुदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता Rafia Naz ने कहा कि राज्य में हालात लगातार चिंताजनक होते जा रहे हैं, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही है।

हर साल सैकड़ों बच्चे हो रहे लापता

शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में राफिया नाज़ ने कहा कि वर्ष 2020 से 2025 तक के आंकड़े बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करते हैं। उनके अनुसार, हर वर्ष औसतन 500 से 700 नाबालिग बच्चे लापता हो रहे हैं, जिनमें से कई का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

जिलेवार आंकड़ों का किया उल्लेख

राफिया नाज़ ने वर्ष 2022 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जमशेदपुर से 122, गुमला से 52, लोहरदगा से 36, चाईबासा से 39, रांची से 29 और पलामू से 46 नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए थे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार 236 नाबालिग बच्चों के मानव तस्करी का शिकार होने की पुष्टि हुई है।

नौकरी और शादी का झांसा देकर हो रही तस्करी

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को नौकरी, विवाह और बेहतर भविष्य का झांसा देकर बाहर ले जाया जाता है। कई मामलों में ये लड़कियां बाद में लापता हो जाती हैं।

कई जिलों से लगातार सामने आ रहे मामले

राफिया नाज़ ने National Crime Records Bureau (एनसीआरबी) और सामाजिक संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साहिबगंज, पाकुड़, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों से लगातार महिला एवं बाल तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में नाबालिगों को घरेलू काम, जबरन मजदूरी और देह व्यापार में धकेला जाता है।

महिला आयोग में लंबित हैं हजारों मामले

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2022 में राज्य से लगभग 3,000 से अधिक महिलाएं और नाबालिग लड़कियां लापता दर्ज की गई थीं। वहीं कोल्हान प्रमंडल से पिछले 13 महीनों में 106 से अधिक युवतियों और बच्चियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

उन्होंने फरवरी 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि राज्य महिला आयोग में 4,000 से अधिक मामले लंबित हैं।

सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप

राफिया नाज़ ने आरोप लगाया कि “लापता लड़कियों” के मामलों में राज्यपाल कार्यालय को स्वयं पुलिस महानिदेशक से जिला-वार रिपोर्ट मांगनी पड़ी, जो कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महिला आयोग का पूर्ण गठन अब तक नहीं होना सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है।

कोकर से बच्ची लापता होने का भी किया जिक्र

भाजपा प्रवक्ता ने रांची के कोकर क्षेत्र से डेढ़ वर्षीय बच्ची के लापता होने का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस बच्ची को बरामद नहीं कर सकी है, जिससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

अंत में राफिया नाज़ ने महिला एवं बाल तस्करी मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने, प्रत्येक जिले में मानव तस्करी विरोधी इकाई को मजबूत करने और महिला सुरक्षा तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाने की मांग की।

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