बिहारशरीफ, 7 नवंबर । नालंदा जिले में भगवान महावीर की निर्वाण स्थली पावापुरी में शनिवार को दो दिवसीय राजकीय पावापुरी महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने ध्वजारोहण कर महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूरा परिसर धार्मिक आस्था, जैन दर्शन, अहिंसा और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं से सराबोर नजर आया।
समारोह की शुरुआत वंदे मातरम और राष्ट्रगान के साथ हुई। उद्घाटन के बाद राज्यपाल ने भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांतों और जैन धर्म की प्राचीन शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लगभग 2552 वर्ष पहले जैन धर्म ने दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया था। उस समय समाज में मौजूद जिन समस्याओं को जैन धर्म ने समझ लिया था, उनके समाधान आज भी इसकी शिक्षाओं और सिद्धांतों में मौजूद हैं। पूरी दुनिया को इस दर्शन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
दिगंबर जैन मंदिर में ध्वजारोहण, जल मंदिर में की पूजा-अर्चना
राज्यपाल ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत पावापुरी स्थित दिगंबर जैन मंदिर पहुंचकर ध्वजारोहण के साथ की। इसके बाद उन्होंने विश्व प्रसिद्ध जल मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान महावीर को नमन किया। धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद वे महोत्सव स्थल पहुंचे, जहां जैन समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
दिगंबर जैन मंदिर के मैनेजर अरुण कुमार जैन और अजय कुमार जैन ने राज्यपाल को जल मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट किया। साथ ही उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संगीता जैन, अंजली जैन, चंदन जैन और कमल जैन सहित जैन समाज के कई लोग उपस्थित रहे।
पहली बार जैन मंदिर पहुंचने को बताया विशेष अनुभव
जल मंदिर में दर्शन-पूजन और जैन धर्म की परंपराओं से रूबरू होने के बाद राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बिहार आने के बाद पहली बार उन्हें किसी जैन मंदिर में जाने का अवसर मिला है। इससे पहले वे कभी जैन मंदिर नहीं गए थे।
उन्होंने कहा, “मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि आज मुझे यहां आकर जैन धर्म को करीब से जानने और समझने का अवसर मिला। यह मेरे लिए एक विशेष अनुभव है।”
राज्यपाल ने आश्वस्त किया कि वह एक वर्ष बाद दोबारा पावापुरी आएंगे। तब तक जैन धर्म के दर्शन, सिद्धांतों और विचारधारा को गहराई से समझने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल वे इस धर्म के बारे में अध्ययन और शोध कर रहे हैं।
भगवान महावीर और महात्मा गांधी के अहिंसा संदेश का किया उल्लेख
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने सबसे पहले पावापुरी में मौजूद लोगों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बिहार आकर उन्होंने यहां आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को महसूस किया है।
अपने हालिया बिहार दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एक दिन पहले वे सीतामढ़ी में थे और शनिवार को पावापुरी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की विशेषता है कि सीमित दायरे में कई ऐसे धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जहां श्रद्धालु पहुंचकर माथा टेक सकते हैं और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
भगवान महावीर के विचारों की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि करीब 2552 वर्ष पहले ही उन्होंने दुनिया को अहिंसा का संदेश दिया था। बाद में महात्मा गांधी ने भी इसी विचार को आगे बढ़ाया। भारत की धरती से निकला अहिंसा का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा। जैन समाज ने सदियों पहले मानवता को जो ज्ञान दिया, आज पूरी दुनिया को उस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
महोत्सव में 15 विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण
उद्घाटन के बाद राज्यपाल ने महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए करीब 15 स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल पर रुककर प्रदर्शित सामग्री, विभागीय योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों तक पहुंच रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
महोत्सव परिसर में जीविका, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, आंगनबाड़ी, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग और बाल संरक्षण इकाई सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं।
इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं, महिला सशक्तीकरण, कृषि, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही है। दो दिवसीय महोत्सव के आयोजन से पावापुरी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी व्यापक मंच मिल रहा है।






