—दाखिल-खारिज में अनियमितता, जाति प्रमाण-पत्र जारी करने और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों पर कार्रवाई; किसी की वेतनवृद्धि रोकी गई तो किसी के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच के आदेश
किशनगंज, 26 अक्टूबर। बिहार में राजस्व कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी निर्देशों की अवहेलना के मामलों को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के निर्देश पर सोमवार को राज्य के छह अंचल अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित आदेश जारी किए गए।
कार्रवाई की जद में किशनगंज जिले के ठाकुरगंज और किशनगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी भी शामिल हैं। विभाग ने अलग-अलग मामलों में वेतनवृद्धि रोकने, आरोपपत्र गठित करने, अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और प्राथमिकी दर्ज कराने जैसे निर्देश दिए हैं।
ठाकुरगंज के तत्कालीन सीओ पर जाति प्रमाण-पत्र में अनियमितता का आरोप
विभागीय विवरण के अनुसार, ठाकुरगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी ओम प्रकाश भगत पर जाति प्रमाण-पत्र जारी करने में अनियमितता का आरोप है। आरोप है कि निर्धारित अर्हता पूरी नहीं होने के बावजूद पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल जाति के प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
इस मामले में उनकी दो वेतनवृद्धियों पर संचयी प्रभाव से रोक लगाने का दंड दिया गया है। साथ ही, उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। संबंधित राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारी पर भी प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।
किशनगंज के तत्कालीन सीओ पर वित्तीय अनियमितता के आरोप
किशनगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी निश्चल प्रेम पर बिना कार्यादेश अग्रिम भुगतान करने और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। विभाग ने उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में राजस्व विभाग के कामकाज और सरकारी राशि के भुगतान से जुड़े मामलों को लेकर जवाबदेही पर जोर दिया गया है।
रोहतास और कटिहार के अधिकारियों पर भी कार्रवाई
विभागीय कार्रवाई केवल किशनगंज तक सीमित नहीं है। रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला के तत्कालीन अंचल अधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह पर दाखिल-खारिज मामलों के निष्पादन में अनियमितता के आरोप में तीन वेतनवृद्धियों पर संचयी प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया गया है।
वहीं, कटिहार जिले के बरारी के तत्कालीन अंचल अधिकारी ललन कुमार मंडल और मनसाही के तत्कालीन अंचल अधिकारी महेश प्रसाद सिंह के विरुद्ध अलग-अलग मामलों में आरोपपत्र गठित किया गया है।
इसके अलावा, गोगरी के तत्कालीन अंचल अधिकारी राज नारायण राजा की दो वेतनवृद्धियों पर संचयी प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।
राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य दाखिल-खारिज, जमाबंदी, प्रमाण-पत्र जारी करने और अन्य राजस्व कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना है। विभाग ने सरकारी निर्देशों की अनदेखी और कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के जरिए जवाबदेही तय करने का संदेश दिया है।
विभागीय आदेशों के बाद अब संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।






