रांची में “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026” की भव्य शुरुआत

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–हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल, पंचायत सशक्तिकरण पर जोर

रांची: राजधानी रांची के खेलगांव के टाना भगत स्टेडियम में आज “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन 2026” का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जोहार के साथ किया संबोधन का आगाज़

हेमंत सोरेन ने समारोह में उपस्थित सभी सम्मानित प्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं ‘जोहार’ के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की।मुख्यमंत्री के इस अंदाज ने स्थानीय परंपरा, संस्कृति और जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मान को दर्शाया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना की और उनके प्रयासों को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने अपने संबोधन में पंचायत सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और जनभागीदारी को राज्य की प्रगति का आधार बताते हुए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

“जब गांव बढ़ेगा, तभी राज्य बढ़ेगा!”—हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश

हेमंत सोरेन ने कहा कि गांवों का समग्र विकास ही राज्य की प्रगति की असली कुंजी है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायतों को मजबूत किए बिना जमीनी स्तर पर बदलाव संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य का समग्र विकास तभी संभव है, जब गांव मजबूत होंगे। पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी इस संकल्प को और मजबूत बनाती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन कर्मठ मुखियाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने जनहित और विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

इसके तहत विजेताओं को ₹4 लाख से ₹20 लाख तक की पुरस्कार राशि मिलती है। यह योजना पंचायतों को आत्मनिर्भर, पारदर्शी और स्वच्छ बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसमें ‘उत्कृष्ट पंचायत’, ‘स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम पंचायत’ और ‘श्रेष्ठ ग्राम सभा’ जैसी श्रेणियां शामिल हैं।

इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के साथ मंत्री इरफान अंसारी सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

समारोह में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने जनसेवा और विकास पर दिया जोर

दीपिका पांडे सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता जमीनी स्तर पर विकास को मजबूत करना और आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और उनके सक्रिय सहयोग से ही राज्य के हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंच सकती है। मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास और समर्पण से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

पंचायत सशक्तिकरण पर फोकस

इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण नेतृत्व की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायतों को और मजबूत बनाना तथा जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति देना है।

ग्रामीण विकास को नई दिशा

सम्मेलन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने स्थानीय समस्याओं, योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों को लेकर अपने विचार साझा किए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सहभागिता से बढ़ेगा विकास

कार्यक्रम में दिखी व्यापक भागीदारी इस बात का संकेत है कि राज्य में पंचायत स्तर पर विकास को लेकर जागरूकता और सक्रियता बढ़ रही है। सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास से जमीनी विकास को मजबूती मिलने की संभावना है।

योजना के प्रमुख विवरण:

  • उद्देश्य: पंचायतों में बेहतर कार्यप्रणाली, जनभागीदारी और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करना।
  • पुरस्कार राशि (झारखंड के अनुसार):
    • ग्राम पंचायत: प्रत्येक जिले से चुनी गई सर्वश्रेष्ठ पंचायत को ₹10 लाख।
    • ब्लॉक पंचायत: पांच प्रमंडलों में से प्रत्येक को ₹15 लाख।
    • जिला परिषद: सर्वश्रेष्ठ जिला परिषद को ₹20 लाख।
    • ग्राम सभा: चयनित ग्राम सभाओं को ₹4 लाख।
  • चयन प्रक्रिया: यह पुरस्कार पंचायत स्तर पर किए गए कार्यों, पारदर्शिता, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के आधार पर दिया जाता है।
  • प्रोत्साहन राशि का उपयोग: पुरस्कार राशि का उपयोग ग्राम सभा की सहमति से गांव के विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है।

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