मेला बन गया मातम: बिहार के मधेपुरा में भीषण सड़क हादसा, दीनाभद्री से लौट रहे चार दोस्तों में तीन की मौत

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मधेपुरा। जिले में शुक्रवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। दीनाभद्री मेला देखकर लौट रहे चार दोस्तों की कार अनियंत्रित होकर अरार थाना क्षेत्र के पास पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी, जिससे तीन युवकों की मौत हो गई जबकि चौथे की तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार, सभी युवक शुक्रवार रात करीब 9 बजे स्टेशन चौक से दीनाभद्री मेला देखने के बाद मधेपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान रात करीब 12:30 बजे अरार पुल पर तेज रफ्तार कार संतुलन खो बैठी और रेलिंग तोड़कर लगभग 20 फीट नीचे नदी में गिर गई।

हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। नदी में गिरते ही चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।

काफी मशक्कत के बाद तीन शवों को नदी से बाहर निकाला गया, जबकि चौथे की तलाश लगातार जारी रही। बाद में प्रशासन ने चौथे मृतक की भी पहचान की पुष्टि की। पानी अधिक होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुर्घटनाग्रस्त कार को भी नदी से बाहर निकाल लिया गया है।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान

घनश्याम कुमार (28), पिता स्व. विमल यादव, निवासी वार्ड-23, स्टेशन चौक, मधेपुरा, अंकित कुमार (27), पिता मनोज कुमार, निवासी मोकमा, थाना बसनही, जिला सहरसा, बसंत कुमार, पिता प्रमोद यादव, निवासी सौरबाजार, सहरसा, सागर कुमार, निवासी वार्ड-14, जयपालपट्टी, सदर थाना क्षेत्र, मधेपुरा है। सभी आपस में मित्र थे और साथ में मेला देखकर लौट रहे थे।

प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है। पुल पर कार का संतुलन बिगड़ने के बाद वह सीधे रेलिंग तोड़ते हुए नदी में समा गई। कार के एयरबैग खुलने और शीशे टूटने की भी पुष्टि हुई है, जो टक्कर की तीव्रता को दर्शाता है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पूरे मामले की जांच जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

एक साथ तीन युवकों की मौत से मधेपुरा और सहरसा इलाके में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेज रफ्तार पर सख्ती से नियंत्रण की मांग की है।

दीनाभद्री मेले की खुशियों के बीच लौट रहे चार दोस्तों का यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करता है।

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