भौतिक वस्तुओं के प्रति अधिक लगाव अवसाद को बढ़ाता है: सुनील

Share

पूर्वी सिंहभूम। आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से गदरा में बाबा नाम केवलम अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान गदरा जागृति और देहात क्षेत्र में नारायण भोजन कराया गया और ग्रामीणों के बीच फलदार पौधों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आनंद मार्ग प्रचारक संघ के सुनील आनंद ने कहा कि लोगों को अधिक से अधिक कीर्तन करना चाहिए और अनन्य भाव से बाबा नाम केवलम् का कीर्तन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कीर्तन करने से मन जड़ वस्तुओं के आकर्षण से ऊपर उठता है और मानसिक शांति मिलती है।

उन्होंने कहा कि अवसाद (डिप्रेशन) के विभिन्न कारणों में जड़ वस्तुओं के प्रति अत्यधिक आकर्षण भी एक प्रमुख कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में 34 करोड़ से अधिक लोग अवसाद से पीड़ित हैं, जबकि भारत में लगभग 5 प्रतिशत यानी करीब 6 करोड़ लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं।

सुनील आनंद ने कहा कि आज मनुष्य के जीवन जीने का ढंग बदल गया है। व्यक्ति आत्मसुख में लिप्त होकर स्वार्थी होता जा रहा है और आर्थिक विषमता के कारण समाज में बिखराव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की आड़ में युवक-युवतियां चारित्रिक पतन की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके कारण अंततः हताशा और निराशा पैदा होती है और व्यक्ति अवसादग्रस्त हो जाता है।

उन्होंने पतंजलि योगसूत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि मनुष्य पांच क्लेशों—अविद्या (अज्ञान), अस्मिता (अहंकार), राग (आसक्ति), द्वेष (विरक्ति) और अभिनिवेश (मृत्यु का भय) से ग्रस्त रहता है। उन्होंने कहा कि डिप्रेशन से मुक्ति के लिए अष्टांग योग का अभ्यास जरूरी है।

उनके अनुसार अष्टांग योग के अभ्यास से शरीर की अंतःस्रावी ग्रंथियों के हार्मोन संतुलित होते हैं, जिससे विवेक का जागरण होता है और मनुष्य का जीवन आनंद से भर उठता है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31