जमशेदपुर/गुजरात — भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के साणंद में देश की पहली ‘मेड इन इंडिया’ कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप का लॉन्च करेंगे। इस खास मौके पर झारखंड के जमशेदपुर की बेटी तनीषा गौतम को प्रधानमंत्री से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।
CG Semi OSAT प्लांट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री साणंद स्थित ‘CG Semi OSAT’ प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ भारत में निर्मित पहली कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप की पहली खेप जापान के एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। यह आयोजन भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में एक नई पहचान दिलाने वाला माना जा रहा है।
झारखंड की बेटी को मिला गौरवपूर्ण मौका
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में तनीषा गौतम प्रधानमंत्री से संवाद करेंगी और अपने कार्य अनुभव साझा करेंगी। कंपनी की ओर से अलग-अलग सेक्टर से चुनिंदा कर्मचारियों का चयन किया गया है, जिसमें तनीषा भी शामिल हैं। उनके पिता त्रिपुरारी गौतम ने इसे परिवार और राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया।
साधारण परिवार से असाधारण उपलब्धि
तनीषा जमशेदपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने 2022 में केंद्रीय विद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के बाद NTTF टाटा स्टील टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट से 2025 तक इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। इसके साथ ही उन्होंने इंडस्ट्रियल फायर सेफ्टी मैनेजमेंट में ऑनलाइन पढ़ाई कर झारखंड टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
करियर की मजबूत शुरुआत
तनीषा ने 2025 में हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज कंपनी में मशीन ऑपरेशन सिस्टम की ट्रेनिंग ली। अप्रैल 2026 से वह CG सेमी कंपनी में डिप्लोमा इंजीनियर ट्रेनी के रूप में कार्यरत हैं और देश के महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट में योगदान दे रही हैं।
PM से साझा करेंगी अपना सफर
तनीषा प्रधानमंत्री मोदी से अपने कार्य अनुभव के साथ-साथ जमशेदपुर से लेकर इस प्रोजेक्ट तक के अपने सफर को साझा करेंगी। उन्होंने इस दिन को देश के लिए “स्वर्णिम दिन” बताया और कहा कि उन्हें उत्साह के साथ हल्की घबराहट भी है।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम
भारत अब तक सेमीकंडक्टर चिप्स के लिए विदेशी आयात पर निर्भर रहा है, जिससे लागत भी अधिक होती थी। ‘मेड इन इंडिया’ चिप के लॉन्च के साथ देश न सिर्फ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक तकनीकी बाजार में एक मजबूत निर्माता के रूप में उभरेगा।
यह उपलब्धि भारत के तकनीकी विकास और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है।






