भागलपुर, 29 अगस्त । जिले के नवगछिया अनुमंडल में गंगा और कोसी के जलस्तर में शनिवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाढ़ और कटाव का खतरा अभी भी गंभीर बना हुआ है। दोनों नदियां अब भी उफान पर हैं, जिसके कारण तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। क्षेत्र के चार प्रमुख संवेदनशील तटबंधों के टो पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है।
खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर गंगा
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंद टोली क्षेत्र में गंगा का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद तटवर्ती इलाकों में स्थिति सामान्य नहीं हुई है। नदी के बढ़े जलस्तर के कारण तटबंधों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
राघोपुर में तेज कटाव से ग्रामीणों में दहशत
राघोपुर इलाके में गंगा के तेज कटाव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई घर और कृषि योग्य जमीन लगातार नदी में समा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग अपने आशियाने तथा खेत बचाने की चिंता में हैं।
कोसी भी खतरे के निशान के करीब
मदरौनी और जेबी चोरहर इलाके में कोसी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। ऐसे में इन इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील
जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे क्षेत्र के लिए बेहद संवेदनशील हैं। तटबंधों पर पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य तेज कर दिए गए हैं।
संवेदनशील स्थलों पर अभियंताओं की निगरानी
जल संसाधन विभाग की अभियंताओं की टीम संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि किसी भी आपात स्थिति से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें। प्रभावित इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।





