—बेलवा काशीपुर स्कूल में जागरूकता एवं काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित, छात्राओं को बिना डरे अपनी समस्याएं बताने के लिए किया प्रेरित
किशनगंज, 12 अक्टूबर । बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर शुरू किए गए ‘पुलिस दीदी कार्यक्रम’ के तहत सोमवार को उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेलवा काशीपुर में जागरूकता एवं काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और किसी भी परेशानी की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई।
महिला थानाध्यक्ष ने छात्राओं से किया संवाद
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के मार्गदर्शन में महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी ने छात्राओं से संवाद कर उनकी सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पुलिस दीदी कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सुरक्षा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि किशोरियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपनी समस्याएं खुलकर बताने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
परेशानी होने पर चुप न रहें छात्राएं
महिला थानाध्यक्ष ने छात्राओं से कहा कि किसी भी तरह की परेशानी, असुरक्षा या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय भरोसेमंद लोगों और पुलिस से मदद लेने के लिए आगे आएं। उन्होंने समझाया कि जरूरत पड़ने पर सहायता मांगना जरूरी है और पुलिस उनकी सुरक्षा, सहयोग तथा मार्गदर्शन के लिए तत्पर है।
काउंसलिंग के माध्यम से छात्राओं के मन से भय और झिझक दूर करने तथा उन्हें निर्भीक होकर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया गया।
छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना कार्यक्रम का लक्ष्य
पुलिस दीदी कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनमें जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाना है। इसके माध्यम से किशोरियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में पुलिस और छात्राओं के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि छात्राएं जरूरत पड़ने पर बिना किसी डर के सहायता ले सकें।
बेटियों की सुरक्षा समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि बेटियों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस दीदी जैसी पहल के माध्यम से किशोरियों को जागरूक, निर्भीक और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
‘सुरक्षित बेटी, सशक्त बेटी’—यही पुलिस दीदी कार्यक्रम का संकल्प है।






