पटना, 07 नवंबर। बिहार शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। विभाग ने 19 अधिकारियों का तबादला और अलग-अलग पदों पर प्रतिनियोजन किया है। इनमें 10 जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और नौ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शामिल हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से 6 नवंबर 2026 को आदेश जारी किया गया।
विभागीय आदेश के मुताबिक, बिहार शिक्षा सेवा के प्रशासन उपसंवर्ग के अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण और कार्यहित में अगले आदेश तक विभिन्न जिलों और कार्यालयों में पदस्थापित किया गया है। वेतन भुगतान में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच के बीच हुए इस फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पटना से लेकर पूर्वी चंपारण तक बदले गए डीईओ
जारी आदेश के अनुसार, सरस्वती कुमारी को पटना मुख्यालय से हटाकर पटना का नया जिला शिक्षा पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं, पटना के मौजूदा डीईओ योगेश कुमार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) में पदस्थापित किया गया है।
पूर्वी चंपारण के तत्कालीन डीईओ राजन कुमार गिरी को भी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में प्रतिनियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्रफुल्ल कुमार मिश्रा को पूर्वी चंपारण का नया डीईओ बनाया गया है। प्रफुल्ल कुमार मिश्रा इससे पहले माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक के पद पर कार्यरत थे।
नवादा, सीवान और सीतामढ़ी में भी नई तैनाती
नवादा के डीईओ दीपक कुमार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भेजा गया है। उनकी जगह सहायक निदेशक सुभाष कुमार को नवादा का नया जिला शिक्षा पदाधिकारी बनाया गया है।
सीवान के डीईओ राघवेंद्र प्रताप सिंह को मुख्यालय के योजना एवं अनुश्रवण कोषांग में सहायक निदेशक के पद पर भेजा गया है। उनकी जगह सीतामढ़ी के डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को सीवान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, परीक्षा समिति के उप सचिव मुकेश कुमार को भागलपुर का नया डीईओ बनाया गया है। परीक्षा समिति के ही उप सचिव दिनेश कुमार पासवान को सीतामढ़ी का जिला शिक्षा पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
कई जिलों में डीपीओ स्तर पर भी फेरबदल
तबादला आदेश के तहत अन्य जिलों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। विनय कुमार सुमन को गोपालगंज से खगड़िया भेजा गया है, जबकि के. आनंद कुमार को गया से मुंगेर में नई जिम्मेदारी दी गई है।
विकास कुमार डीएन का नालंदा से औरंगाबाद तबादला किया गया है। सैयद तारिक सज्जाद को सीवान से मधेपुरा भेजा गया है। वहीं, रजनीश कुमार साहू को बक्सर से हटाकर भागलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा भोला कुमार कर्ण को नालंदा से गोपालगंज और कुमार अभिजीत को सीवान से पूर्वी चंपारण भेजा गया है। एससीईआरटी के सहायक निदेशक राजीव कुमार साह और रवि कुमार को बक्सर में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित किया गया है।
38 जिलों में 34.11 करोड़ रुपये की कथित अतिरिक्त निकासी
यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय हुआ है, जब बिहार के शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान से जुड़ी बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पोर्टल से कथित छेड़छाड़ कर राज्य के सभी 38 जिलों में 6,895 मामलों के जरिए करीब 34 करोड़ 11 लाख रुपये की अतिरिक्त निकासी की गई।
प्रारंभिक जांच में वेतन, मकान किराया भत्ता (एचआरए) और एरियर भुगतान में अनियमितताओं की बात सामने आई है। आरोप है कि पोर्टल पर कर्मचारियों के निर्धारित वेतन और भत्तों से अधिक राशि का भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
सभी 38 जिलों के डीईओ से मांगा गया स्पष्टीकरण
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए कौन-कौन अधिकारी तथा कर्मचारी जिम्मेदार हैं।
घोटाले के खुलासे के बाद अधिकारियों के तबादले और नई प्रतिनियुक्ति को लेकर विभागीय हलकों में चर्चा तेज है। हालांकि, तबादले को सीधे तौर पर किसी अधिकारी के दोषी पाए जाने की कार्रवाई नहीं माना जा सकता। संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब विभाग के सामने कथित अतिरिक्त निकासी की पूरी प्रक्रिया की जांच करने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और सरकारी राशि की वसूली तथा आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने की चुनौती है।






