पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर ने शनिवार को परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्यभर में 1,762 परीक्षा केंद्रों पर कुल 13,17,846 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 6,75,844 छात्राएं और 6,42,002 छात्र हैं। इंटर की वार्षिक परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। राजधानी पटना जिले से कुल 73,963 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे, जिनमें 38,037 छात्राएं और 35,926 छात्र शामिल हैं।
देर से पहुंचने पर परीक्षार्थी का प्रवेश बंद
बीएसईबी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है। देर से पहुंचने वाले किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि जबरन या अवैध रूप से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास आपराधिक कृत्य माना जाएगा। ऐसे मामलों में परीक्षार्थियों के साथ-साथ सहयोग करने वाले केंद्राधीक्षक या अन्य कर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बनाया गया कंट्रोल रूम:
परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी/एसपी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक जिले में नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, परीक्षा अवधि के दौरान सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और समस्याओं के समाधान के लिए 1 फरवरी सुबह 6 बजे से 13 फरवरी शाम 6 बजे तक 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत परीक्षा:
आनंद किशोर ने कहा कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्य गेट बंद होने के बाद दीवार फांदकर या जबरदस्ती प्रवेश करने पर संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्ष के लिए बीएसईबी की सभी परीक्षाओं से निष्कासित किया जाएगा और उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 में प्रत्येक परीक्षार्थी को बीएसईबी की ओर से यूनिक आईडी जारी की गई है, जो वर्ष 2023 से लागू है। साथ ही सभी विषयों के प्रश्नपत्र 10 सेट कोड (ए, बी, सी, डी, ई, एफ, जी, एच, आई और जे) में उपलब्ध रहेंगे, ताकि नकल की संभावना को कम किया जा सके।





