बिहार पुलिस के लिए नए हथियार नियम, भीड़ नियंत्रण में AK-47 और इंसास के इस्तेमाल पर रोक

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पटना: बिहार पुलिस मुख्यालय ने कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के दौरान अत्याधुनिक असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब AK-47, इंसास और SLR जैसे हथियारों का इस्तेमाल सामान्य विधि-व्यवस्था ड्यूटी या आम प्रदर्शनों में नहीं किया जा सकेगा।

पुलिस मुख्यालय के मुताबिक इन हथियारों का इस्तेमाल अब केवल उग्रवाद, आतंकवाद, संगठित अपराध या बड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई और छापेमारी जैसी परिस्थितियों में ही किया जाएगा। आम प्रदर्शन और भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिसकर्मी इन हथियारों को लेकर नहीं चल सकेंगे।

एडीजी पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में दोबारा सख्त निर्देश दिए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान ऑटोमैटिक और असॉल्ट हथियारों का इस्तेमाल वर्जित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

सिवान फायरिंग पर भी पुलिस मुख्यालय ने दी सफाई

यह निर्देश ऐसे समय आया है जब 25 जुलाई को सिवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान फायरिंग को लेकर बिहार में राजनीतिक विवाद चल रहा है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के.एस. अनुपम ने कहा कि फायरिंग करने वाले सिपाही को गोली चलाने का कोई आदेश नहीं दिया गया था और उसने कथित तौर पर अपनी मर्जी से गोली चलाई। उन्होंने बताया कि वह जवान भीड़ नियंत्रण करने वाली टीम का हिस्सा नहीं था और घटना के बाद उसे तत्काल निलंबित कर दिया गया।

वहीं, सिवान फायरिंग मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान किया है। उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने की घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

कुल मिलाकर, बिहार पुलिस का यह निर्देश भीड़ नियंत्रण के दौरान घातक हथियारों के इस्तेमाल को सीमित करने और बल प्रयोग को नियंत्रित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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