अररिया। शहर के मारवाड़ी पट्टी स्थित आईसीआईसीआई बैंक के सामने गुरुवार को जीविका दीदियों ने प्रदर्शन किया।महिलाओं ने बैंक कर्मियों पर 13 लाख रुपये के कथित किस्त घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बैंक कर्मचारियों द्वारा उनकी लोन की किस्तें जमा नहीं की गईं, जिससे सैकड़ों महिलाओं का क्रेडिट स्कोर खराब हो गया है।प्रदर्शनकारी जीविका दीदियों के अनुसार, दियारी मजगामा क्षेत्र के 18 जीविका सहायता समूहों की महिलाओं ने इसी आईसीआईसीआई बैंक में खाते खुलवाकर ऋण लिया था।
किस्तें जमा करने के लिए बैंक से जुड़े कर्मचारी पंकज, रोशन, विपिन और प्रकाश सिंह नियमित रूप से उनके घर आते थे। वे नकद राशि लेकर एक कथित स्लिप देते थे, जिसे महिलाएं वैध रसीद मानती थी। बावजूद बैंक कर्मियों ने पैसे जमा नहीं किए कुछ समय बाद बैंक की ओर से बकाया किस्तों के लिए रिमाइंडर कॉल आने शुरू हुए। जांच करने पर महिलाओं को पता चला कि उनकी जमा कराई गई किस्तें बैंक के खाते में दर्ज ही नहीं हुई हैं। इस खुलासे के बाद दर्जनों महिलाएं हैरान रह गईं।
जीविका दीदियों ने बताया कि ईमानदारी से किस्तें देने के बावजूद बैंक कर्मियों ने पैसे जमा नहीं किए, जिससे अब उन्हें किसी भी बैंक से नया ऋण नहीं मिल रहा और उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बैंक मैनेजर से पूर्व में मिलकर भी मामले को लेकर शिकायत की गई थी।सूचना पर मौके पर नगर थाना पुलिस पहुंची और प्रदर्शन कर रही जीविका दीदियों को समझा बुझाकर शांत कराया।मामले में बैंक मैनेजर रामकुमार मिश्र ने फिलहाल मामले पर कुछ भी कहने से इंकार किया।





