रांची, 22 अप्रैल। रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन से जुड़े चर्चित घोटाले में आरोपित दिलीप घोष को बड़ी राहत नहीं मिली है। झारखंड उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी है।
डिस्चार्ज याचिका खारिज होने को दी थी चुनौती
दिलीप घोष ने पीएमएलए की विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने और आरोप गठन के आदेश को चुनौती दी थी। इसके साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले को भी निरस्त करने की मांग की थी।
कोर्ट ने मेंटेनबिलिटी के आधार पर खारिज की याचिका
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने याचिका को मेंटेनबिलिटी के आधार पर ही खारिज कर दिया। यानी अदालत ने इसे सुनवाई योग्य नहीं माना।
ईडी ने रखा पक्ष
मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अधिवक्ता एके दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा।
कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट
उल्लेखनीय है कि इस मामले में ईडी ने कई लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें दिलीप घोष के अलावा पूर्व उपायुक्त छवि रंजन, कारोबारी विष्णु अग्रवाल, राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, फर्जी रैयत प्रदीप बागची, जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम और अमित अग्रवाल शामिल हैं।
ट्रायल कोर्ट में चलेगी आगे की कार्रवाई
ईडी ने इस मामले में ECIR 1/2023 दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद दिलीप घोष को ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही का सामना करना होगा।






