प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ पटना में छात्रों का प्रदर्शन, BPSC-BPSSC परीक्षा रद्द करने की मांग

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पटना, 15 सितंबर। राजधानी पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्रों और अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) की 1,799 पदों वाली मुख्य परीक्षा और 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की।

गांधी मैदान से जेपी गोलंबर तक निकाला मार्च

बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गांधी मैदान इलाके में जुटे और वहां से मार्च करते हुए जेपी गोलंबर की ओर बढ़े। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे। इन पर ‘ना परीक्षा में खेल चलेगा, ना भविष्य से खिलवाड़ चलेगा’ जैसे नारे लिखे थे।

छात्र लगातार नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे।

जेपी गोलंबर पर पुलिस ने की बैरिकेडिंग

जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने छात्रों को नियंत्रित करने और आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।

प्रदर्शन से यातायात प्रभावित

छात्रों के प्रदर्शन के कारण जेपी गोलंबर, रामगुलाम चौक और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई थी और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी।

1,799 पदों के लिए मई में हुई थी मुख्य परीक्षा

बीपीएसएससी ने पुलिस अवर निरीक्षक के 1,799 पदों पर भर्ती के लिए मई 2026 में मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा में करीब 35,857 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

परीक्षा के बाद कुछ केंद्रों से कथित कदाचार और प्रश्नपत्र से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठने लगे।

पूर्णिया में प्रश्नपत्र की तस्वीर वायरल होने का मामला

पूर्णिया के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में 27 मई को आयोजित परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना सामने आई थी। मामले की पुलिस जांच के दौरान शिक्षक मृत्युंजय कुमार को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, शिक्षक ने परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर अपने एक रिश्तेदार को भेजी थी। इस मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे।

ईओयू ने शुरू की मामले की जांच

मामले के सामने आने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने भी जांच शुरू की। जांच एजेंसी के समक्ष प्रश्नपत्र/बुकलेट की तस्वीरें पहुंचने की बात सामने आई है। ईओयू ने इन तस्वीरों की सत्यता और उनके स्रोत को लेकर बीपीएसएससी से जवाब मांगा है।

छात्रों की मांग- दोबारा हो परीक्षा

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। छात्रों ने बीपीएसएससी की मुख्य परीक्षा और 70वीं बीपीएससी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पूरी परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।

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