पटना। ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉई एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन और बैंकिंग एंप्लॉई फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर गुरुवार को ग्यारह सूत्री मांगों के समर्थन में बैंक कर्मी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। जिसके कारण सभी राष्ट्रीयकृत बैंक बंद है। बैंकों के बंद रहने के कारण ग्राहकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मियों के हड़ताल के कारण करोड़ों रूपये के लेन देन और कारोबार पर असर पड़ा है। राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को लेकर सभी बैंक कर्मी अपने-अपने बैंकों को बंद कर मुख्य गेट पर अपने मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे इंडियन बैंक के बैंक कर्मी सुनील कुमार,विजेंद्र कुमार,आशीष कुमार, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के नरोत्तम कुमार, प्रशांत कुमार, निरंजन कुमार, विजय कुमार,रवि कुमार,सनी कुमार, पप्पू कुमार, मुकेश कुमार, मनोज कुमार आदि ने बताया कि वे लोग लेबर कोड की वापसी, सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों को मजबूत करने, सरकारी बैंकों, जीवन बीमा तथा सरकारी बीमा कंपनियों के निवेश पर रोक लगाने, बीमा उद्योग में सौ फ़ीसदी एफडीआई पर रोक, साधारण बीमा कंपनियों का एकीकरण, बैंक में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारियों की नियुक्ति, आउटसोर्सिंग तथा ठेका नियुक्ति पर रोक, एनपीएस की वापसी और ओपीएस की बहाली, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट योजना की वापसी, कॉरपोरेट हाउस से बकाये ऋण राशि की सख्ती से वसूली तथा साधारण ग्राहकों से बैंकिंग सेवा शुल्क में कमी आदि मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारी बैंक कर्मियों ने कहा कि आज का हड़ताल सांकेतिक एकदिवसीय हड़ताल है और अगर सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं करती है तो राष्ट्रीय व्यापी आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहा है बैंक कर्मचारियों ने अपने मांगों के संदर्भ में जमकर नारेबाजी की। इधर बैंको के हड़ताल के कारण सैकड़ों उपभोक्ता बैंक के सामने पहुंचकर काम न हो पाने के कारण निराश होकर लौट गए।





