- 8 एकड़ से अधिक भूमि पर होगा निर्माण
- बिहारशरीफ जिले में तीन एकड़ जमीन चिन्हित
पटना: पटना और आसपास के शहरों में अत्याधुनिक बस डिपो का निर्माण होने जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर 8 एकड़ से अधिक भूमि चिन्हित की गई है। पटना में 5 एकड़ भूमि पर डिपो निर्माण प्रस्तावित है, इसके अलावा पालीगंज, मोकामा और नौबतपुर में लगभग एक एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसके लिए विभागीय प्रक्रियाएं जारी है। इन डिपो में दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों वाले बस स्टैंडों वाली विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) पटना के साथ-साथ 30 अन्य प्रमुख स्थानों पर सरकारी भूमि पर पीपीपी मोड में ऐसे डिपो का निर्माण कराएगा। औरंगाबाद में 5.57 एकड़, मुजफ्फरपुर में 5.11 एकड़, गयाजी में 4.95 एकड़, जमुई में 4.72 एकड़ और नवादा में 4.57 एकड़ में भी बड़े बस डिपो बनाए जाएंगे। इन सभी डिपो को मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां एक ही छत के नीचे यात्रियों को छोटी से बड़ी हर सुविधा उपलब्ध होगी।
इसी तरह बिहारशरीफ, पूर्णिया, मुंगेर (तारापुर), दरभंगा समेत कई जिलों में 3 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पहले ही चिन्हित की जा चुकी है। भागलपुर, नवादा, सहरसा, पालीगंज, मधुबनी, किशनगंज, मोतिहारी, छपरा, सुल्तानगंज, नौबतपुर, बरबीघा, मोकामा, चकाई, सीतामढ़ी, बिहारशरीफ, औरंगाबाद, आरा, जहानाबाद, संग्रामपुर, भदौनी और राजगीर जैसे महत्वपूर्ण शहरों में भी विश्वस्तरीय बस टर्मिनल विकसित किए जाएंगे।
पांच मंजिला होगा डिपो
निगम के मुताबिक, इन टर्मिनलों में शॉपिंग मॉल, कैफेटेरिया, होटल, पीवीआर, एंटरटेनमेंट जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं होगी, जो बस यात्रा को मात्र आवागमन का साधन नहीं, बल्कि एक सुखद और यादगार अनुभव बनाएंगी। सभी बस डिपो पांच मंजिला होंगे। ग्राउंड फ्लोर पर बस पार्किंग और वर्कशॉप होगी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर निगम कार्यालय, कैफेटेरिया, दुकानें, एसी-नॉन एसी वेटिंग रूम, डॉर्मेटरी, गेस्ट रूम, महिलाओं के लिए फीडिंग रूम, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग मॉल, होटल और एंटरटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे।
स्थानीय आर्थिक अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती मंत्री
परिवहन मंत्री श्री दामोदर रावत ने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से पटना सहित पूरे बिहार में विश्वस्तरीय बस डिपो और टर्मिनल बनाए जा रहे हैं। इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जाएगा, जिसमें न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि बस परिवहन को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। यह राज्य में परिवहन क्षेत्र में नई ऊंचाई देगा। साथ ही क्षेत्रों में आर्थिक अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। सरकार का प्रयास है कि हर जिला मुख्यालय पर ऐसे आधुनिक डिपो उपलब्ध हों, जो यात्री सुविधा के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दें।






