काठमांडू, 04 मई । Nepal की राजधानी Kathmandu में नदियों के किनारे और सरकारी जमीन पर बसी भूमिहीन बस्तियों को हटाने की कार्रवाई के बीच प्रधानमंत्री Balendra Shah ने स्पष्ट किया है कि सरकार का किसी भी नागरिक को बेघर करने का कोई इरादा नहीं है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों में योजनाबद्ध तरीके से डर फैलाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपुष्ट जानकारी और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
भूमिहीनों के अधिकार सुरक्षित करने पर जोर
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के हालिया कदमों का उद्देश्य भूमिहीन लोगों को हटाना नहीं, बल्कि उनके आवास के अधिकार को सुनिश्चित करना है। भूमि से जुड़े 2021 के कुछ प्रावधानों को अध्यादेश के माध्यम से हटाकर दीर्घकालीन समाधान का रास्ता साफ किया गया है।
डिजिटल सर्वे और पुनर्वास की योजना
सरकार ने वास्तविक भूमिहीन नागरिकों की पहचान के लिए डिजिटल डेटा संग्रह और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के तहत जोखिम भरे स्थानों पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में बसाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बस्ती प्रबंधन के नाम पर किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और हर भूमिहीन नागरिक को सुरक्षित व सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।






