नीतीश कुमार की रैली के लिए पेड़ों की कटाई, जल-जीवन-हरियाली अभियान पर उठे सवाल

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मधेपुरा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा को लेकर मधेपुरा में तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है।

शहर के संत अवध बिहारी कॉलेज के समीप सड़क किनारे लगे दर्जनों हरे-भरे पेड़ों को काट दिए जाने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज के पास वर्षों से लगे पेड़ों को अचानक काट दिया गया।

लोगों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और उनके काफिले के गुजरने को लेकर सड़क किनारे सफाई और व्यवस्था के नाम पर यह कार्रवाई की गई है।

इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच काफी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के नाम पर हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि मधेपुरा नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाने के नाम पर पेड़ों को कटवाया गया। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि सभी पेड़ सड़क से हटकर थे और यातायात में किसी प्रकार की बाधा नहीं बन रहे थे। लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर व्यवस्था करनी ही थी तो पेड़ों की छंटाई की जा सकती थी, लेकिन उन्हें पूरी तरह काट देना पर्यावरण के लिए गंभीर नुकसान है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रमुख अभियान जल जीवन हरियाली अभियान पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने पर आधारित है। ऐसे में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले ही शहर में पेड़ों की कटाई को लेकर लोग इस अभियान की भावना पर सवाल उठा रहे हैं।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय लोग इसकी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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