नई दिल्ली, 05 नवंबर। दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में गुरुवार सुबह तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। अब तक मलबे से दो लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, मलबे में कम से कम 15 लोगों के दबे होने की आशंका है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।
चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास हुआ हादसा
अधिकारियों के मुताबिक, हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सत्तारा में हुआ। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की छह गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। इसके बाद एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की टीमें भी बचाव अभियान में शामिल हो गईं।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक दो शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में कई और लोगों के दबे होने की आशंका है।
तीन-चार महीने से चल रहा था निर्माण कार्य
इमारत में पिछले तीन-चार महीने से निर्माण कार्य चल रहा था। इमारत में तीन-चार लिंटर डाले जा चुके थे। हादसे के दौरान सभी एक साथ ढह गए।
इस साल दिल्ली में इमारत गिरने का छठा बड़ा हादसा
दिल्ली में इस साल निर्माणाधीन या अन्य इमारतों के ढहने का यह छठा बड़ा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले पांच हादसों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें साकेत, रोहिणी, करोल बाग, सत्य निकेतन और सीमापुरी की घटनाएं शामिल हैं।
दिल्ली में इस साल हुए पांच बड़े हादसे
- 30 मई, सैदुलाजाब: वेस्टर्न मार्ग पर चार मंजिला व्यावसायिक इमारत ढह गई थी। इसमें कोचिंग सेंटर, कैफे और कार्यालय संचालित थे। मलबा पास की कैंटीन पर भी गिरा, जहां छात्र मौजूद थे। हादसे में छह लोगों की मौत हुई और 13 घायल हुए।
- 8 जुलाई, रोहिणी: सेक्टर-16 में बारिश के दौरान दो निर्माणाधीन इमारतें ढह गई थीं। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई।
- 21 अगस्त, करोल बाग: रेगरपुरा इलाके में प्यारे लाल रोड पर एक इमारत का हिस्सा गिर गया था। वहां इमारत तोड़ने का काम चल रहा था। हादसे में एक मजदूर की मौत हुई और दो लोग घायल हुए।
- 6 सितंबर, सत्य निकेतन: पांच मंजिला इमारत ढह गई थी, जिसमें लड़कों का पीजी संचालित था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इस घटना में सात लोगों की मौत हुई और पांच घायल हुए।
- 7 अक्टूबर, सीमापुरी: चार मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढह गया था। हादसे में 11 लोगों को मलबे से निकाला गया। इनमें चार लोगों की मौत हुई और आठ घायल हुए।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार और एमसीडी पर उठाए सवाल
इमारत गिरने की घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार और एमसीडी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सुरक्षा ऑडिट के कई आदेशों के बावजूद दिल्ली में इमारतें गिरने की घटनाएं हो रही हैं।
भारद्वाज ने सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि रिश्वत नहीं देने वालों की इमारतें सील कर दी जाती हैं, जबकि अन्य इमारतों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने दमकल विभाग और एसडीएम कार्यालयों में भी कथित वसूली का आरोप लगाया।

आप नेता ने ग्रेटर कैलाश-2 में दो जिम को सील किए जाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनके आरोपों पर संबंधित विभागों या सरकार की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल, चावड़ी बाजार में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। इमारत गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी।






