दावोस में मुख्यमंत्री फडणवीस का दावा- महाराष्ट्र 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा

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मुंबई। वर्ल्डइकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने स्वीटजरलैंड के दावोस पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विश्वास दावा किया है कि साल 2030 तक महाराष्ट्र एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन जाएगा। महाराष्ट्र ने पिछले एक दशक में 10 प्रतिशत से अधिककी एवरेज ग्रोथ रेट बनाए रखी है। राज्य तक 2032 तक देश की पहली ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बन सकता है। हालांकि साल 2030 तक इस माइलस्टोन तक पहुंचाने का लक्ष्य हमने रखा है।

दावोस में महाराष्ट्र पवेलियन में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल भी महाराष्ट्र में भारी मात्रा में विदेशी निवेश आएगा। भारत में आने वाले निवेश के लिए महाराष्ट्र गेटवे ऑफ़ इंडिया है। हम भारत के दूसरे राज्यों के साथ अच्छे मुकाबले में हैं.। यह देश के लिए अच्छा है। ‘महाराष्ट्र भरोसेमंद है. हम जो कहते हैं, वो करते हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के उद्यमियों की महाराष्ट्र पहली पसंद है।

महाराष्ट्र के सभी ज्योग्राफिकल एरिया के लिए इन्वेस्टमेंट मिलेंगे। इसके लिए 10 से 12 अलग-अलग सेक्टर की इंडस्ट्रीज के साथ कोऑर्डिनेशन किया जा रहा है। अब तीसरी मुंबई उभर रही है। इसके लिए बड़े निवेश मिलने के संकेत हैं। महाराष्ट्र लगभग 60 से 65 एग्रीमेंट को इम्प्लीमेंट करने में सफल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा ग्लोबल जियो पॉलिटिकल सिचुएशन चैलेंजिंग है, लेकिन इंटरनेशनलऑर्गनाइज़ेशन के अनुमान के मुताबिक ग्लोबल इकॉनमी में भारत एक ‘ब्राइट स्पॉट’ है। जहां दुनिया भर में ग्रोथ रेट धीमा हो गया है, वहीं महाराष्ट्र अपनी ग्रोथ रेट बनाए रखने में कामयाब हो रहा है। पिछले साल भारत में हुए कुल फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंटका 39 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र में आया है. राज्य सरकार ने अब तक 15 से 16 पॉलिसी लागू की हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल महाराष्ट्र में 16 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए थे। जहां नेशनल लेवल पर एमओयू का कन्वर्ज़न रेट आमतौर पर 25 से 30 प्रतिशत होता है, वहीं महाराष्ट्र में यह रेट 50 से 55 फीसदी है। दावोस एग्रीमेंट्स के मामले में यह 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हर निवेशक को लैंड एलोकेशन, अप्रूवल प्रोसेस, ‘वॉर रूम’ के ज़रिएइंडस्ट्री सेक्टर से जोड़ा जा रहा है। महाराष्ट्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा, फ्रंटियरटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लीड कर सकता है। महाराष्ट्र के पास देश की 60 फीसदी डेटासेंटर कैपेसिटी है। महाराष्ट्र अब भारत की ‘डेटा सेंटर कैपिटल’ बन गया है। एजु-सिटी, इनोवेशन सिटी और 35 लाख हाई-पेइंग जॉब्स एजु-सिटी, इनोवेशन सिटी, स्पोर्ट्स सिटी, मेडिसिटी और जीसीसी सिटी नवी मुंबई एयरपोर्ट के पास बनाए जा रही है।

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