—नागकू क्षेत्र में 54 लोग घायल, 1,600 से अधिक बचावकर्मी राहत अभियान में जुटे; बर्फबारी की आशंका से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ल्हासा, 23 अक्टूबर। चीन के तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार देर रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 अन्य घायल हुए हैं। उत्तरी तिब्बत के नागकू शहर और आसपास के इलाकों में सैकड़ों मकान और पशुओं के बाड़े ढह गए हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
339 मकान और 20 पशु बाड़े ढहे
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित नागकू क्षेत्र में कम से कम 339 मकान और 20 पशु बाड़े ढह गए हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश और घायलों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दलों को तैनात किया गया है।
राहत अभियान में 1,600 से अधिक बचावकर्मी जुटे हैं। प्रभावित लोगों तक अस्थायी आवास, तंबू, बिस्तर, टॉर्च और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहुंचाए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, नुकसान और हताहतों की संख्या का आकलन किया जा रहा है।
नागकू से 191 किलोमीटर दूर था भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप गुरुवार रात स्थानीय समयानुसार 10 बजकर 33 मिनट पर आया। इसका केंद्र नागकू से लगभग 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व में था। शुरुआती आंकड़ों में भूकंप की गहराई 18 किलोमीटर दर्ज की गई।
मुख्य झटके के बाद क्षेत्र में कई आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए। लगातार झटकों के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा और बचाव कार्यों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
रेल सेवाएं प्रभावित, राजमार्ग पर आवाजाही बाधित
भूकंप के कारण प्रभावित क्षेत्र में संचार सेवाओं पर असर पड़ा है। सुरक्षा जांच के लिए रेल सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया। वहीं, पहाड़ी इलाकों में चट्टानें खिसकने से सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचाने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए मार्गों को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।
बर्फबारी से राहत अभियान में आ सकती है बाधा
मौसम संबंधी चेतावनियों के बीच आने वाले दिनों में बर्फबारी होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और बेघर हुए परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में कठिनाई हो सकती है।
नागकू क्षेत्र ऊंचाई पर स्थित है, जहां ठंड और प्रतिकूल मौसम बचाव अभियान को और चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। प्रशासन का जोर घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय देने पर है।






