रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करोड़ों रुपये के बैंकिंग घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनकी पत्नी नीतू कुमारी उर्फ नीतू देवी के खिलाफ विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। यह कार्रवाई 26 मार्च को रांची जोनल ऑफिस की ओर से की गई।
बैंकिंग धोखाधड़ी और आय से अधिक संपत्ति का मामला
जांच के अनुसार, मनोज कुमार ने जनवरी 2013 से सितंबर 2020 के बीच साहिबगंज और दुमका क्षेत्र की SBI की विभिन्न शाखाओं—फूलबंगा, साहिबगंज, PBB साहिबगंज, बरहेट बाजार और शिकारीपाड़ा—में तैनाती के दौरान पद का दुरुपयोग किया। उन पर आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर के आरोप हैं।
मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। साथ ही, उनके खिलाफ ₹1.24 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है।
₹5.40 करोड़ की अवैध कमाई का खुलासा
ED की जांच में सामने आया कि आरोपी ने कुल ₹5.40 करोड़ की अवैध संपत्ति जुटाई।
- चार शाखाओं में अनधिकृत लेनदेन से बैंक को करीब ₹3.38 करोड़ का नुकसान
- शिकारीपाड़ा शाखा में 440 खाताधारकों से ₹1.05 करोड़ की धोखाधड़ी
पत्नी पर भी आरोप
जांच में यह भी पाया गया कि इस काली कमाई को सफेद करने के लिए परिवार के सदस्यों और फर्जी खातों का इस्तेमाल किया गया। मनोज कुमार की पत्नी नीतू कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने बैंक खातों का उपयोग इस अवैध धन को ट्रांजैक्ट करने के लिए होने दिया।
साहिबगंज में उनके नाम पर खरीदी गई आलीशान संपत्ति भी इसी अवैध कमाई से जुड़ी बताई जा रही है।
संपत्ति जब्त और नकदी बरामद
हाल ही में ED ने लगभग ₹97.92 लाख की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। इससे पहले CBI की तलाशी के दौरान ₹10 लाख नकद भी बरामद किए गए थे।





