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झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ, कहा- किसानों और सरकार के साझा प्रयास से बदलेगी झारखंड की तस्वीर

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रांची, 16 जून। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि किसानों और सरकार के साझा प्रयास से राज्य की तस्वीर बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास में किसानों की केंद्रीय भूमिका है और राज्य सरकार उनके आर्थिक सशक्तीकरण तथा कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय ‘झारखंड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला-2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

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कृषि मानव सभ्यता की नींव

हेमंत सोरेन ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और आजादी के बाद देश के विकास की पहली परिकल्पना किसान और कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर की गई थी। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की आधारशिला है, जिसने घुमंतू जीवन को स्थायित्व प्रदान कर समाज निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती और किसानों का इतिहास किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या संप्रदाय के अस्तित्व से भी पुराना है। कृषि ने ही इंसान को एक स्थान पर बसना और सामाजिक व्यवस्था विकसित करना सिखाया।

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जलवायु परिवर्तन कृषि के लिए बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की लगभग 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बनकर उभरा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो आने वाले वर्षों में पेयजल और सिंचाई जल का संकट और गहरा सकता है।

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जल संरक्षण को बनाना होगा जन आंदोलन

हेमंत सोरेन ने कहा कि भू-जल का लगातार दोहन हो रहा है, लेकिन उसके पुनर्भरण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से रिचार्ज पिट और सोक पिट जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों, बंजर भूमि और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन की स्थायी संरचनाएं विकसित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके।

विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं और सड़कों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई हो रही है, जबकि पौधरोपण की गति अपेक्षाकृत धीमी है। इससे शहर धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगलों में बदलते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पानी, जंगल और हरियाली केवल पर्यावरणीय विषय नहीं हैं, बल्कि कृषि, पशुधन और मानव जीवन की आधारशिला हैं। इनके संरक्षण के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता।

बिरसा हरित ग्राम योजना के मिल रहे सकारात्मक परिणाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। योजना के तहत लगभग 1.50 लाख एकड़ बंजर भूमि पर फलदार पौधों का रोपण किया गया है।

उन्होंने सिमडेगा की महिला स्वयं सहायता समूहों का उदाहरण देते हुए बताया कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) से जुड़ी महिलाओं द्वारा उत्पादित आम अब सीधे यूनाइटेड किंगडम तक निर्यात किए जा रहे हैं।

जैविक खेती अपनाने की अपील

हेमंत सोरेन ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और जहरीले कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक लाभ के लिए ऐसे पदार्थों का उपयोग लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन के लिए जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है और राज्य सरकार इस दिशा में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए नई व्यवस्थाएं विकसित कर रही है।

200 स्टॉलों में प्रदर्शित हो रही आधुनिक कृषि तकनीक

मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 से 18 जून तक आयोजित इस कृषि एवं व्यापार मेले में राज्य के प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को एक साझा मंच मिला है।

मेले में सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, बागवानी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्यमों की जानकारी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर उन्होंने ‘बिरसा कृषि रथ-2026’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम में रहे मौजूद

इस अवसर पर मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पाण्डेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सुरेश कुमार बैठा, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीक सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों से आए किसान उपस्थित रहे।

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