रांची/जामताड़ा। झारखंड का कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार देर रात जामताड़ा जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। आधिकारिक पुलिस सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कैदी वाहन से भागने की कोशिश में मुठभेड़
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुजीत सिन्हा को साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कैदी वाहन जामताड़ा जिले से गुजर रहा था।
बताया जा रहा है कि रास्ते में उसने शौच जाने की बात कही, जिस पर वाहन रोका गया। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश करते हुए फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मौत
पुलिस ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सुजीत सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।
पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
कई जिलों में फैला था अपराध नेटवर्क
सुजीत सिन्हा मूल रूप से पलामू जिले के मेदिनीनगर का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अपहरण और आर्म्स एक्ट समेत 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
उसने पिछले दो दशकों में झारखंड के धनबाद, रामगढ़, रांची, पलामू, लातेहार, चतरा, हजारीबाग समेत कई जिलों में अपना अपराध नेटवर्क फैलाया था।
गैंग बनाकर चलाता था वसूली का कारोबार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसने अपने आपराधिक जीवन की शुरुआत कुख्यात अपराधी सुशील श्रीवास्तव के गिरोह से की थी। बाद में उसने अपना अलग गैंग बना लिया और कोयला कारोबारियों, ठेकेदारों, बिल्डरों और अन्य व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने लगा।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जेल में रहने के बावजूद वह अपने सहयोगियों के जरिए गिरोह का संचालन करता रहा। हाल के वर्षों में पुलिस ने उसके नेटवर्क के खिलाफ कई अभियान चलाए थे और उसके कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था।






