झामुमो के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने फतह किया माउंट एवरेस्ट बेस कैंप, युवाओं के लिए बने प्रेरणा

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पूर्वी सिंहभूम | 14 अप्रैल
झारखंड के पूर्व विधायक और झामुमो नेता Kunal Sarangi ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी Mount Everest के बेस कैंप तक सफलतापूर्वक पहुंचकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनका यह साहसिक अभियान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है।

कठिन रास्तों और विपरीत परिस्थितियों से भरी रही यात्रा

कुणाल षाड़ंगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचना केवल एक ट्रेक नहीं, बल्कि धैर्य, मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास की कड़ी परीक्षा है।
इस दौरान उन्हें बर्फ से ढके खतरनाक रास्तों, तेज़ बर्फीली हवाओं, अत्यधिक ठंड और कम ऑक्सीजन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि कई जगहों पर सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और शरीर पूरी तरह थक चुका था, लेकिन लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।

मानसिक दृढ़ता ही असली ताकत

Kunal Sarangi ने बताया कि इस यात्रा ने उन्हें यह सिखाया कि असली लड़ाई शरीर से ज्यादा मन की होती है।
हर कदम पर मुश्किलें थीं, लेकिन हर चुनौती ने उन्हें और मजबूत बनाया।

उनके अनुसार,

“यह यात्रा मुझे खुद को समझने और अपनी सीमाओं को परखने का मौका देने वाली रही।”

जीवन की सबसे यादगार और चुनौतीपूर्ण यात्रा

कुणाल षाड़ंगी ने इसे अपने जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास का महत्व समझाया।

युवाओं को दिया खास संदेश

उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जीवन में नए अनुभवों को अपनाना चाहिए और चुनौतियों से डरने के बजाय उनका सामना करना चाहिए।
उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल

उनकी इस उपलब्धि पर पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और युवाओं ने उनके इस साहसिक कदम की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया है।

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