गंगा के भीषण कटाव में विलीन हुआ छोटी अलालपुर का ऐतिहासिक चेती दुर्गा मंदिर, अब रिहायशी इलाकों पर मंडरा रहा खतरा

Share

भागलपुर, 1 सितंबर। जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत राघोपुर पंचायत के छोटी अलालपुर गांव से मंगलवार को बेहद दुखद खबर सामने आई। हजारों लोगों की आस्था का केंद्र और ऐतिहासिक धरोहर माना जाने वाला चेती दुर्गा मंदिर गंगा नदी के भीषण कटाव की भेंट चढ़ गया। पिछले कई दिनों से जारी तेज कटाव के बीच मंगलवार को पूरा मंदिर देखते ही देखते गंगा में समा गया।

हजारों लोगों की आस्था का था केंद्र

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार चेती दुर्गा मंदिर छोटी अलालपुर के साथ आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की आस्था से जुड़ा था। हर वर्ष चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां भव्य चेती दुर्गा पूजा का आयोजन होता था। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते थे। मंदिर के गंगा में विलीन होने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया।

कई बुजुर्ग ग्रामीण मंदिर के इस तरह गंगा में समा जाने का दृश्य देखकर भावुक हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी पहचान और आस्था से जुड़ी धरोहर था।

कटाव रोकने के इंतजाम पर उठे सवाल

ग्रामीणों के मुताबिक गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ क्षेत्र में लगातार तेज कटाव हो रहा था। मंदिर पर कई दिनों से खतरा मंडरा रहा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से समय रहते प्रभावी कटाव निरोधात्मक कार्य नहीं किए गए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जियो बैग या बोल्डर पिचिंग जैसे उपाय किए जाते तो मंदिर और आसपास के इलाके को बचाया जा सकता था। हालांकि कटाव निरोधात्मक कार्यों को लेकर प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब रिहायशी इलाकों पर मंडरा रहा खतरा

चेती दुर्गा मंदिर के गंगा में विलीन होने के बाद छोटी अलालपुर और राघोपुर के रिहायशी इलाकों पर भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार नदी का रुख अब तेजी से बस्ती की ओर बढ़ रहा है। इससे लोगों में भय का माहौल है और कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं।

युद्धस्तर पर कटाव निरोधक कार्य की मांग

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल युद्धस्तर पर कटाव निरोधात्मक कार्य शुरू कराने की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की अपील की गई है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930