नई दिल्ली, 29 अगस्त। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि घटना को करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने इसे छुआछूत और संविधान के खिलाफ बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ एससी-एसटी कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।
‘शुद्धिकरण’ की घटना को बताया अस्वीकार्य
कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनके कार्यक्रम के बाद जिस तरह से कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई और जल्द एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
छुआछूत को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि देश में दलितों के साथ भेदभाव और अपमान की घटनाएं आज भी अलग-अलग रूपों में सामने आती हैं। संविधान ने छुआछूत और भेदभाव को गैरकानूनी घोषित किया है, लेकिन सामाजिक स्तर पर ऐसी मानसिकता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
पीएम मोदी से हस्तक्षेप की अपील
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मामले में सीधी कार्रवाई की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। घटना के करीब 20 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होना चिंता का विषय है।
कार्रवाई नहीं हुई तो जारी रहेगा संघर्ष
राहुल गांधी ने कहा कि संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस पार्टी न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।





