— राष्ट्र निर्माण और समाज- संगठन में योगदान को किया याद
पटना, 05 अक्टूबर। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रसिद्ध विचारक एवं राजनेता, गुजरात के पूर्व राज्यपाल तथा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री कैलाशपति मिश्र की जयंती पर रविवार को पटना स्थित आईसीएआर परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी वर्ष से कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।
राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा को किया याद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि श्रद्धेय कैलाशपति मिश्र ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण तथा समाज और संगठन की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान, विचारों और भूमिका को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने उनकी जयंती को राजकीय स्तर पर मनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि कैलाशपति मिश्र बिहार की धरती के महान सपूत थे। उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाना उनके प्रति सम्मान, श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
अगले वर्ष से होगा राजकीय समारोह
राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद अगले वर्ष से कैलाशपति मिश्र की जयंती सरकारी स्तर पर आयोजित समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस माध्यम से उनके सार्वजनिक जीवन, विचारों और समाज एवं संगठन के प्रति योगदान को स्मरण किया जाएगा।
इस घोषणा के साथ जयंती समारोह के आयोजन को लेकर राज्य स्तर पर एक नई परंपरा की शुरुआत होगी।
आदमकद प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कैलाशपति मिश्र की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौके पर उपस्थित लोगों ने भी उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कैलाशपति मिश्र की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके सार्वजनिक जीवन और योगदान को याद किया गया।
भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया, विधायक संजीव चौरसिया, संजय कुमार, मनोज कुमार और रत्नेश कुमार, विधान पार्षद संजय मयूख तथा पूर्व विधायक दिलमणी देवी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी कैलाशपति मिश्र की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
भजन-कीर्तन का भी हुआ आयोजन
जयंती समारोह के अवसर पर भजन-कीर्तन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कैलाशपति मिश्र को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही कैलाशपति मिश्र की जयंती को आगामी वर्ष से राजकीय समारोह के रूप में आयोजित किए जाने का निर्णय इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।






