कूचबिहार। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूचबिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। यह सभा तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार साबलू बर्मन के समर्थन में घोजाडांगा में आयोजित की गई थी।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य में अत्याचार कर रही है और जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि देश के कई विपक्षी नेता—जैसे उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, एम.के. स्टालिन और तेजस्वी यादव—उनसे संपर्क में हैं और सभी का मानना है कि बंगाल में भाजपा का रवैया आक्रामक है।
बूथ स्तर पर संगठन पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के पास जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता नहीं हैं और वह एजेंसियों के जरिए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में पैसे के बल पर प्रभाव डालना चाहती है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण बिल को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि इसे परिसीमन से जोड़ना एक सोची-समझी रणनीति है। उनके अनुसार, इसके जरिए मतदाता सूची में बदलाव और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की कोशिश हो सकती है।
केंद्र पर साधा निशाना
बिना नाम लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों को बाहर करने की बात कर रहे हैं, उन्हें ही जवाब देना पड़ेगा।
जनता से सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने ‘मातृशक्ति कार्ड’ को लेकर भी भाजपा की आलोचना की और लोगों से अपील की कि वे किसी भी फॉर्म में अपनी निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स साझा करने से बचें।
कानून व्यवस्था पर भरोसा जताया
ममता बनर्जी ने कहा कि भले ही फिलहाल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी उनके पास नहीं है, लेकिन भविष्य में यह उनके नियंत्रण में होगी और राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।






