‘एक देश-एक चुनाव’ पर जेपीसी ने जुटाए सुझाव, 2029 से लागू करने की तैयारी, पीपी चौधरी का बड़ा संकेत

Share

लखनऊ, 15 जुलाई । ‘एक देश-एक चुनाव’ को लेकर गठित संसदीय संयुक्त समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था लोकतंत्र को अधिक मजबूत बनाएगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने बताया कि यदि संसद से संबंधित विधेयक पारित होता है तो वर्ष 2029 से चरणबद्ध तरीके से कई राज्यों के विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ कराए जा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश दौरे के बाद प्रेस वार्ता

उत्तर प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अन्य प्रतिनिधियों से सुझाव लेने के बाद बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में पीपी चौधरी ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को अधिक प्रभावी और देशहित के अनुरूप बनाना है।

उन्होंने कहा कि 1952 से 1967 तक देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होते थे। इसलिए यह व्यवस्था भारतीय संघीय ढांचे के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसे और मजबूत बनाने वाली है।

कई समितियां पहले भी कर चुकी हैं सिफारिश

पीपी चौधरी ने बताया कि विभिन्न समितियां पहले भी एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि—

  • 1983 में चुनाव आयोग,
  • 2002 की समिति,
  • 2015 की नीतिगत समिति,
  • 2018 में नीति आयोग,
  • तथा 2023 में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति

ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की अनुशंसा की थी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1968 में कुछ राज्यों में राष्ट्रपति शासन और पुनर्गठन के कारण चुनावी कैलेंडर प्रभावित हुआ था। बाद में आपातकाल के दौरान लोकसभा का कार्यकाल बढ़ने से यह व्यवस्था पूरी तरह बदल गई।

संविधान के मूल ढांचे पर नहीं पड़ेगा असर

एक सवाल के जवाब में पीपी चौधरी ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ केवल चुनावों के समय का समन्वय है और इससे संविधान के मूल ढांचे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से देश की अर्थव्यवस्था को करीब सात लाख करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है। उनके अनुसार बार-बार चुनाव होने से बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गृह राज्यों में लौट जाते हैं, जिससे उद्योग, शिक्षा और विकास कार्य प्रभावित होते हैं।

विभिन्न राज्यों से मिल रहे सकारात्मक सुझाव

समिति अध्यक्ष ने बताया कि संयुक्त संसदीय समिति देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर सभी पक्षों की राय ले रही है। उत्तर प्रदेश में भी सत्तापक्ष, विपक्ष, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से सकारात्मक सुझाव प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने कहा कि यदि संसद से विधेयक पारित होता है तो वर्ष 2029 से चरणबद्ध तरीके से इस व्यवस्था को लागू करने पर विचार किया जा सकता है।

राजनीतिक स्थिरता पर भी हो रहा विचार

पीपी चौधरी ने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सरकारों की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अविश्वास प्रस्ताव के साथ रचनात्मक विश्वास प्रस्ताव (Constructive Vote of No Confidence) जैसे प्रावधानों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि राजनीतिक स्थिरता बनी रहे और बार-बार चुनाव की आवश्यकता कम हो।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31