एक करोड़ लखपति दीदी बनाने की कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जाए: केशव प्रसाद मौर्य

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अन्तर्गत तीन करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने के लिए तैयार किए गए विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने तथा लखपति दीदी बनाए जाने के लिए जनपदवार लक्ष्य आवंटन से सम्बन्धित समस्त सूचनाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस महत्त्वाकांक्षी योजना में धनराशि का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने अवगत कराया अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से आच्छादित किया जा चुका है। निर्देश दिये हैं कि विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शेष पात्र परिवारों को भी अभियान के माध्यम से जोड़ा जाना आवश्यक है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जानकारी दी गयी है कि जीरो पावर्टी अभियान के अन्तर्गत ऐसे 6,67,075 परिवार चिन्हित किए गए हैं,जो अभी तक समूहों से नहीं जुड़े हैं। इसके अतिरिक्त पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय अन्न योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र के 2.90 करोड़ राशन कार्डधारक परिवारों में से अवशेष 2.10 करोड़ परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 19,39,967 अवशेष लाभार्थी, 17,38,489 अवशेष विधवा पेंशन लाभार्थी तथा जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर नल योजना से आच्छादित परिवारों में से छूटे हुए पात्र निर्धन परिवारों की महिलाओं को विशेष अभियान एवं आईईसी गतिविधियों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं को बैंकिंग, ऋण सुविधा, प्रशिक्षण, आजीविका संवर्धन एवं सामाजिक-सामुदायिक सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे।

लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने मण्डल, जनपद एवं विकास खण्ड स्तर पर समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। मण्डल स्तर पर मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की त्रैमासिक, जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा मासिक तथा विकास खण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में प्रत्येक 15 दिवस पर बैठक आयोजित कर समूह गठन, नए सदस्यों के जुड़ाव, बैंक खाते खोलने तथा लोकोस (सखी ऐप) एमआईएस में प्रविष्टि की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मुख्य विकास अधिकारी स्वहस्ताक्षर से कार्यक्रम की प्रगति आख्या नियमित रूप से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन मुख्यालय को भेजेंगे। साथ ही प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय योजना के लाभार्थी परिवारों की महिलाओं को शत-प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों से आच्छादित करते हुए विकास खण्डवार लक्ष्य निर्धारित कर समूहों का गठन, लोकोस ऐप पर अंकन तथा स्वयं के स्तर से सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि मिशन निदेशक, यूपीएसआरएलएम, लखनऊ इस योजना की प्रगति आख्या प्रत्येक 15 दिवस में शासन को उपलब्ध कराए ताकि लक्ष्य की समयबद्ध एवं प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित हो सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश में समावेशी विकास और गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

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