उत्तर बंगाल के चार जिलों में बांग्लादेश के नागरिकों के लिए होटल बंद

Share

सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल। उत्तर बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में बांग्लादेश के नागरिकों को लेकर नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। सिलीगुड़ी, मालदा और कूचबिहार के बाद अब दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट में भी होटल मालिकों ने बांग्लादेश के नागरिकों को कमरा देने से साफ इनकार कर दिया है। चारों जिलों में होटल के बाहर पोस्टर और फ्लेक्स लगाकर यह संदेश दिया जा रहा है कि देश का अपमान करने वालों के लिए यहां कोई जगह नहीं है।

होटल कारोबारियों का कहना है कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं बल्कि देश के सम्मान के लिए लिया गया है। बालुरघाट में कई होटलों के बाहर साफ लिखा गया है कि बांग्लादेशी नागरिकों को यहां कमरा नहीं दिया जाएगा। होटल मालिकों का तर्क है कि अगर कारोबार का नुकसान भी होता है तो वह मंजूर है, लेकिन देश की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।

इस फैसले से बांग्लादेश के नागरिकों की परेशानी काफी बढ़ गई है। इलाज और अन्य जरूरतों के लिए भारत आने वाले कई लोग सिलीगुड़ी और मालदा में होटल नहीं मिलने के कारण भटकने को मजबूर हैं। बीते तीन दिनों में 10 से ज्यादा बांग्लादेश के नागरिक भारत में दाखिल हुए हैं, लेकिन सिलीगुड़ी में होटल नहीं मिलने पर वे किराये के घर या अन्य अस्थायी ठिकाने तलाश रहे हैं। इस स्थिति को लेकर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि जो लोग वैध तरीके से भारत आए हैं, उन्हें कहीं न कहीं ठहरना ही होगा। मामला संवेदनशील है और पुलिस पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है। कूचबिहार में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। जिले के लगभग सभी होटलों के रिसेप्शन पर नोटिस और फ्लेक्स टांग दिए गए हैं, जिनमें बांग्लादेशी नागरिकों को कमरा न देने की बात लिखी है। सीमा क्षेत्र चांगड़ाबांधा के होटलों में भी यही स्थिति है। होटल मालिकों का कहना है कि देश के खिलाफ माहौल बनाने वालों के साथ किसी तरह का व्यवसाय नहीं किया जाएगा।

दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट में इस फैसले को आम लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। बताया जा रहा है कि हिली अंतरराष्ट्रीय थल बंदरगाह से आवाजाही भी अब काफी कम हो गई है और रोजाना करीब 100 लोग ही सीमा पार कर रहे हैं। बालुरघाट शहर और आसपास करीब 22 छोटे-बड़े होटल हैं और सभी होटल मालिक इस फैसले पर एकजुट नजर आ रहे हैं।

मालदा में स्थिति और भी गंभीर है। वहां बांग्लादेश से आने वाले कई लोग होटल न मिलने के कारण रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर समय काटने को मजबूर हैं। मालदा होटल ओनर्स एसोसिएशन का कहना है कि पहले बांग्लादेश में भारत विरोधी नारेबाजी बंद होनी चाहिए और शांतिपूर्ण माहौल बहाल होना चाहिए, तभी होटल दोबारा खोले जाने पर विचार होगा।

वहीं, सीमा पर पहुंचे कुछ बांग्लादेशी पर्यटकों का कहना है कि उनके देश में जो हालात बने हैं, उसके लिए आम नागरिक जिम्मेदार नहीं हैं। इसके बावजूद भारत आकर होटल न मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930