—अब्बास अराघची की पाकिस्तान यात्रा सिर्फ द्विपक्षीय मुद्दों तक सीमित; अमेरिका ने बातचीत की संभावना जताई
तेहरान। ईरान ने स्पष्ट किया है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की योजना नहीं है। ईरान का प्रतिनिधिमंडल अराघची के नेतृत्व में पाकिस्तान पहुंचा है और यह दौरा पूरी तरह द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित बताया गया है।
परमाणु वार्ता से किया अलग
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने कहा कि यह यात्रा केवल ईरान-पाकिस्तान संबंधों को मजबूत करने के लिए है और इसका परमाणु वार्ता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने साफ किया कि विदेश मंत्री को इस यात्रा में परमाणु वार्ता से जुड़ा कोई दायित्व नहीं दिया गया है।
पाकिस्तान में नेताओं से होगी बातचीत
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचे। इशाक डार ने भी उनके आगमन की पुष्टि की। प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई भी शामिल हैं।
अमेरिका ने जताई बातचीत की इच्छा
वहीं, अमेरिका का कहना है कि उसके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और व्हाइट हाउस सलाहकार जेरेड कुशनर इस्लामाबाद जाकर ईरान के साथ बातचीत कर सकते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के अनुसार, ईरान ने आमने-सामने की बातचीत का अनुरोध किया है।
बयान और दावों में विरोधाभास
इस घटनाक्रम में दिलचस्प बात यह है कि जहां ईरान ने अमेरिका से बातचीत की योजना से इनकार किया है, वहीं अमेरिका आमने-सामने की वार्ता की संभावना जता रहा है। ऐसे में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक गतिविधियों पर नजर बनी हुई है।






