रांची/नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन के तहत झारखंड को बड़ी सौगात दी है। राज्य के आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 11 डेटा और AI लैब्स को मंजूरी दी गई है। यह जानकारी केंद्रीय आईटी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी के सवाल के जवाब में सदन में दी।
AI इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर
केंद्र सरकार ने झारखंड में क्षेत्रीय AI इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए दो AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भी मंजूरी दी है। यह पहल इंडिया AI स्टार्टअप फाइनेंसिंग पिलर के तहत की जा रही है, जिससे राज्य में तकनीकी विकास और स्टार्टअप को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
छात्रों और शोधार्थियों को मिलेगा लाभ
AI क्षेत्र में रिसर्च कर रहे छात्रों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल स्कॉलर्स को सहयोग देने के लिए झारखंड को अब तक 8 फेलोशिप मिली हैं, जिनमें 2 स्नातक और 6 पीएचडी अनुसंधान फेलोशिप शामिल हैं।
कौन हैं परिमल नथवाणी
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं और देश के जाने-माने उद्योगपति माने जाते हैं। उन्होंने राजनीति में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है और झारखंड के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है।
चौथी बार राज्यसभा पहुंचे नथवाणी
हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में परिमल नथवाणी ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराकर चौथी बार संसद का रास्ता तय किया। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में जीत के लिए आवश्यक 28 वोटों में से उन्हें 28 वैध वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 20 वोट मिले।
नथवाणी के कार्यकाल पर एक नजर
- पहला कार्यकाल (2008-2014): झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पहली जीत, 21 वोटों के साथ सफलता
- दूसरा कार्यकाल (2014-2020): दोबारा निर्दलीय के रूप में जीत, विभिन्न दलों का समर्थन
- तीसरा कार्यकाल (2020-2026): आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सदस्य, वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवार
- चौथा कार्यकाल (2026): फिर झारखंड से जीत, राज्यसभा में वापसी
सभी दलों से बेहतर संबंध उनकी ताकत
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नथवाणी की सबसे बड़ी ताकत उनकी सभी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं। यही वजह है कि उन्हें कई बार पार्टी लाइन से हटकर भी समर्थन मिलता रहा है।
विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका
अपने पिछले कार्यकालों में नथवाणी ने सड़क, बिजली, आदिवासी कल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया। सांसद निधि के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों को भी बढ़ावा दिया।






