जम्मू — श्री अमरनाथ वार्षिक यात्रा गुरुवार को औपचारिक रूप से शुरू हो गई। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच भगवती नगर यात्री निवास से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
259 वाहनों के काफिले में रवाना हुए श्रद्धालु
अधिकारियों के अनुसार, कुल 4,822 तीर्थयात्री 259 वाहनों के काफिले के साथ जम्मू से बालटाल और पहलगाम के दो प्रमुख बेस कैंपों के लिए रवाना हुए। काफिले में 106 बसें, 39 मध्यम मोटर वाहन, 111 हल्के मोटर वाहन और तीन दोपहिया वाहन शामिल थे।
दो मार्गों से होगी यात्रा
पहले जत्थे में शामिल 2,510 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, जबकि 2,312 तीर्थयात्रियों ने छोटे लेकिन चुनौतीपूर्ण बालटाल मार्ग को चुना है।
पुरुष, महिलाएं और साधु-संत शामिल
इस जत्थे में 3,707 पुरुष, 816 महिलाएं, 16 बच्चे, 246 साधु और 37 साध्वियां शामिल हैं, जो बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं।
सुबह निर्धारित समय पर काफिले रवाना
बालटाल जाने वाला काफिला सुबह 6:10 बजे भगवती नगर से निकला, जबकि पहलगाम मार्ग का काफिला सुबह 6:35 बजे रवाना हुआ। पूरे काफिले को बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत सुरक्षा बलों की निगरानी में भेजा गया।
यात्रियों के लिए व्यापक इंतजाम
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और परेशानी-मुक्त बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
तवी आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ
यात्रा से एक दिन पहले उप राज्यपाल ने तवी नदी के किनारे आयोजित आरती और लाइट एंड साउंड शो का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह पवित्र यात्रा आस्था, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है, जो देशभर के लोगों को एक सूत्र में जोड़ती है।
दोपहर तक घाटी पहुंचने की उम्मीद
उम्मीद जताई जा रही है कि सभी तीर्थयात्री दोपहर तक कश्मीर घाटी पहुंच जाएंगे और वहां से बालटाल व नुनवान बेस कैंप में रुकने के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पवित्र गुफा की यात्रा आगे बढ़ाएंगे।






