—बांकीपुर मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने को लेकर विवाद, राजद और जन सुराज के प्रत्याशियों ने उठाए सवाल
पटना। बिहार में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जदयू नेता नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर तंज कसते हुए उन्हें राजनीति की आकस्मिक दुर्घटना करार दिया। वहीं, पटना के बांकीपुर स्थित मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने को लेकर राजद और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशियों ने सवाल उठाए हैं। इससे मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विवाद गहरा गया है।
प्रमुख सीटों पर मुकाबला, परिणाम पर टिकी नजरें
पटना के बांकीपुर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती की जा रही है। स्नातक सीट पर जदयू के निवर्तमान एमएलसी नीरज कुमार का मुकाबला राजद के दिलीप कुमार, जन सुराज पार्टी के डॉ. अनुज सिंह और कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान से है।
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के निवर्तमान एमएलसी नवल किशोर यादव, राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह, जन सुराज पार्टी की दिव्या ज्योति और कांग्रेस के डॉ. संजय यादव के बीच मुकाबला है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान दिव्या ज्योति के समर्थन में अभियान चलाया था।
सीसीटीवी कैमरे नहीं होने पर राजद प्रत्याशी ने उठाए सवाल
राजद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने मतगणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों में मतगणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं, तो यहां ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
उन्होंने कहा कि मतगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। कैमरे नहीं होने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, डॉ. संजीव कुमार सिंह ने अपनी जीत का भरोसा भी जताया।
दिव्या ज्योति ने निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब
जन सुराज पार्टी की प्रत्याशी दिव्या ज्योति ने कहा कि मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था ठीक है, लेकिन मतगणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इस संबंध में जवाब देने की मांग की।
दिव्या ज्योति के मुताबिक, चुनाव परिणामों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मतगणना प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। यह उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य से जुड़ा मामला है, इसलिए निर्वाचन आयोग को इस पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
मतगणना की पारदर्शिता पर बढ़ी नजर
एक ओर मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नीरज कुमार के बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की नजर मतगणना के नतीजों पर टिकी है। सीसीटीवी कैमरों को लेकर उठे सवालों पर निर्वाचन आयोग और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।






