‘अंधभक्त’ को लेकर ईशा कोप्पिकर ने रखी राय, कंगना रनौत ने किया समर्थन; कहा- देशभक्ति किसी दल या नेता से ऊपर

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मुंबई, 19 अगस्त । अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर इन दिनों अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। ईशा ने एक वीडियो साझा करते हुए खुद को गर्वित ‘अंधभक्त’ बताया। हालांकि, उन्होंने अपने बयान के जरिए स्पष्ट किया कि उनकी यह ‘भक्ति’ किसी राजनीतिक दल या नेता के प्रति नहीं, बल्कि देश और उसकी तरक्की के प्रति है। ईशा के इस विचार का अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी समर्थन किया है।

ईशा ने अपने वीडियो में देशभक्ति और राजनीतिक समर्थन के बीच अंतर समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश से प्यार करने का मतलब यह नहीं है कि नागरिक अपने नेताओं से सवाल नहीं कर सकते। उनके मुताबिक, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जरूरी मुद्दों पर सवाल उठाना और सरकार से जवाब मांगना नागरिकों की जिम्मेदारी का हिस्सा है।

देश को राजनीति से ऊपर रखने की अपील

ईशा कोप्पिकर ने अपने बयान में लोगों से अपील की कि वे राजनीति और नेताओं से ऊपर देश को रखें। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में योगदान देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, देश के प्रति समर्पण केवल किसी राजनीतिक विचारधारा या व्यक्ति का समर्थन करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि देश को बेहतर बनाने के लिए अपनी भूमिका निभाना भी जरूरी है।

अभिनेत्री ने अपने वीडियो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी नेता या राजनीतिक दल का समर्थन और देश के प्रति प्रेम दो अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने देशहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखने और सवाल पूछने को भी देश के प्रति जिम्मेदारी का हिस्सा बताया।

कंगना रनौत ने साझा किया पोस्ट

ईशा कोप्पिकर के इस बयान पर अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी। कंगना ने ईशा की पोस्ट साझा करते हुए उनके विचारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह भी इसी तरह की देशभक्ति की भावना से खुद को जोड़कर देखती हैं।

कंगना ने अपने सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि वह अलग-अलग सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रही हैं। उन्होंने 26/11 मुंबई हमलों के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों सहित कई मुद्दों पर अपनी सक्रियता का उल्लेख किया।

‘देश और लोगों की भक्त होने पर गर्व’

कंगना ने कहा कि उन्हें अपने देश और यहां के लोगों का ‘भक्त’ होने पर गर्व है। उनके बयान में भी यह बात प्रमुखता से सामने आई कि देशभक्ति को किसी एक राजनीतिक दल या नेता के समर्थन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ईशा और कंगना दोनों के बयानों में एक समान बात यह रही कि देश के प्रति समर्पण को राजनीतिक निष्ठा से अलग रखा जाना चाहिए। दोनों अभिनेत्रियों ने देश और उसके नागरिकों को प्राथमिकता देने तथा देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने की बात कही।

ईशा के ‘अंधभक्त’ वाले बयान और कंगना के समर्थन के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों अभिनेत्रियों ने अपने-अपने अंदाज में देशभक्ति, नागरिक जिम्मेदारी और राजनीतिक समर्थन के बीच अंतर रखने की बात कही है।

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