वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन खर्च की होड़, 2.41 लाख बिल पास

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रांची: वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन राज्य में बजट खर्च को लेकर तेज़ी देखी गई। 31 मार्च की शाम तक विभिन्न विभागों द्वारा बड़ी संख्या में बिल पास कराए गए। कुल मिलाकर लगभग 2.41 लाख बिलों का निष्पादन हुआ और 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई।

राज्य का कुल बजट 1,45,400 करोड़ रुपये है, जिसमें से राज्य योजना मद में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए अनुमान है कि 20-25 हजार करोड़ रुपये सरेंडर (अव्ययित) किए जा सकते हैं।

केंद्रीय अंश और योजना मद का खर्च
राज्य सरकार ने केंद्रीय हिस्से (Central Share) का 51.05% खर्च किया है, जबकि राज्य योजना मद में 75% से अधिक राशि उपयोग में लाई जा चुकी है। अंतिम दिन प्रोजेक्ट भवन कोषागार से 197.61 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई।

सरेंडर और लैप्स के निर्देश
वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि जो राशि 31 मार्च तक खर्च नहीं हो सकती, उसे ऑनलाइन सरेंडर कर दें। तय समय सीमा तक न खर्च या न लौटाई गई राशि को लैप्स (निरस्त) माना जाएगा।

प्रमुख विभागों का खर्च (31 मार्च तक)

  • ऊर्जा विभाग: 10,480.47 करोड़ में से 9,799.84 करोड़ खर्च
  • गृह विभाग: 8,535.44 करोड़ में से 8,011.75 करोड़ खर्च
  • स्कूली शिक्षा: 8,641.04 करोड़ में से 6,279.10 करोड़ खर्च
  • महिला एवं बाल विकास: 22,138.90 करोड़ में से 20,547.73 करोड़ खर्च
  • ग्रामीण विकास: 6,641.86 करोड़ में से 3,829.88 करोड़ खर्च
  • पेयजल विभाग: 3,841.66 करोड़ में से 1,691.24 करोड़ खर्च

अन्य विभागों में भी अंतिम समय तक खर्च बढ़ाने की कोशिश जारी रही, जिससे पूरे दिन कोषागार और विभागीय कार्यालयों में गतिविधियां तेज़ रहीं।

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