कथित बातचीत में अभद्र भाषा और कार्यकर्ता को धमकी देने का दावा, विधायक ने बताया आंतरिक बातचीत को सार्वजनिक करने की साजिश
हुगली, 04 नवंबर । सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित व्हाट्सऐप कॉल ऑडियो को लेकर पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से भाजपा विधायक संतु पान विवादों में घिर गए हैं। वायरल ऑडियो में विधायक की अपनी ही पार्टी के दो कार्यकर्ताओं से बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। इसमें उन्हें कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए यह कहते सुना जा सकता है कि, “विधायक बनने से पहले मैं गुंडा था।” हालांकि, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पार्टी पदाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का दावा
कथित ऑडियो में भाजपा के आरामबाग सांगठनिक जिले के संयोजक को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा एक भाजपा कार्यकर्ता को धमकी देने और उसकी पिटाई कराने की बात कहे जाने की भी चर्चा है। ऑडियो सामने आने के बाद स्थानीय भाजपा संगठन में विवाद की स्थिति बन गई है।
कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
भाजपा सूत्रों के अनुसार, भंडारहाटी के एक युवा भाजपा कार्यकर्ता ने विधायक के करीबी बताए जा रहे पार्टी के एक अन्य कार्यकर्ता के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि इसी मामले को लेकर विधायक संतु पान नाराज थे और उनकी संबंधित कार्यकर्ता से तीखी बातचीत हुई थी।
विधायक बोले- कार्यकर्ताओं की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी
विवाद पर सफाई देते हुए विधायक संतु पान ने बुधवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ लोग भाजपा कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकर्ताओं की रक्षा करना उनकी जिम्मेदारी है।
विधायक के मुताबिक, जिस व्यक्ति से उनकी बातचीत हुई, वह तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा है और अब भाजपा में आने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह भाजपा कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसा रहा है। वायरल ऑडियो को लेकर संतु पान ने कहा कि व्हाट्सऐप कॉल एक आंतरिक बातचीत थी। इसे सार्वजनिक करना संबंधित व्यक्ति की मानसिकता को दर्शाता है।
बातचीत में शामिल युवक ने भी दी सफाई
दूसरी ओर, वायरल ऑडियो में बातचीत करने वाले बताए जा रहे युवक ने दावा किया कि वह भाजपा का कार्यकर्ता है। उसने कहा कि उनके बीच कोई विवाद नहीं होना चाहिए था। यदि कोई समस्या हुई भी है तो वह पार्टी का आंतरिक मामला है।
युवक ने यह भी कहा कि उसे जानकारी नहीं है कि ऑडियो किसने और क्यों वायरल किया। उसके अनुसार, उसने किसी को भी यह ऑडियो वायरल करने के लिए न तो भेजा था और न ही इसकी अनुमति दी थी।
फिलहाल कथित ऑडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता और उसमें सुनाई दे रही आवाजों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।






