—कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे समेत सहयोगी देश उठाएंगे सौदे का पूरा खर्च, मिसाइलों की आपूर्ति में लग सकते हैं कई साल
वाशिंगटन डीसी, 29 अक्टूबर । रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन की हवाई रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए अमेरिका ने उसे 500 पैट्रियट पीएसी-3 एमएसई मिसाइलें और उनसे जुड़े उपकरण बेचने की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को इस फैसले की घोषणा की। इस हथियार सौदे की अनुमानित कीमत 2.1 अरब डॉलर है। खास बात यह है कि इसकी पूरी लागत यूक्रेन के सहयोगी और साझेदार देश उठाएंगे। हालांकि, मिसाइलों की आपूर्ति में कई साल लग सकते हैं।
सहयोगी देशों की आर्थिक मदद से होगी खरीद
तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू और अमेरिकी टेलीविजन नेटवर्क एबीसी ने अमेरिकी विदेश विभाग के हवाले से बताया कि यूक्रेन इस सौदे के लिए कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे से मिलने वाली आर्थिक सहायता का इस्तेमाल करेगा। यह राशि अमेरिका के ‘जंपस्टार्ट’ यानी ‘जॉइंट यूक्रेन मल्टीनेशनल प्रोग्राम–सर्विसेज, ट्रेनिंग एंड आर्टिकल्स रैपिड टाइमलाइन’ कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा यूरोपीय संघ के ‘यूक्रेन सपोर्ट लोन’ से भी भुगतान किया जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस सौदे में अमेरिका की ओर से कोई वित्तीय सहायता शामिल नहीं है।
इस हथियार सौदे में अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन मुख्य ठेकेदार होगी। पैकेज में 500 पीएसी-3 एमएसई मिसाइलों के अलावा गोपनीय और सामान्य स्पेयर पार्ट्स, लॉजिस्टिक्स तथा कार्यक्रम से जुड़ी सहायता भी शामिल है।
बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में नष्ट करने में सक्षम
पीएसी-3 एमएसई इंटरसेप्टर को तेज गति से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है। रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा केंद्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के बीच इन मिसाइलों की मांग बढ़ गई है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के बढ़ते हमलों का हवाला देते हुए अमेरिका से जल्द से जल्द मिसाइलों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
मिसाइलों की डिलीवरी में लग सकता है लंबा समय
अमेरिका की मंजूरी यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन उसे इन मिसाइलों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। मामले से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, स्वीकृत मिसाइलों का निर्माण अभी नहीं हुआ है और इनकी डिलीवरी 2030 के शुरुआती वर्षों में होने की संभावना है।
यूक्रेन का रक्षा मंत्रालय अमेरिकी रक्षा विभाग से जल्द आपूर्ति की मांग कर रहा है। कीव चाहता है कि अमेरिका अपने मौजूदा मिसाइल भंडार से कुछ इंटरसेप्टर तत्काल उपलब्ध कराए और बाद में उनकी जगह नई मिसाइलें शामिल कर ले।
जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि यूक्रेन को इस साल अमेरिका से हर महीने औसतन 12 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिले हैं। वहीं, रूस की ओर से हर महीने दागी जाने वाली लगभग 150 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए उसे बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर की जरूरत है।
उनके मुताबिक, यूक्रेन करीब एक महीने से पैट्रियट और एनएएसएएमएस वायु रक्षा प्रणालियों के लिए मिसाइलों की आपूर्ति संबंधी अमेरिकी मंजूरी का इंतजार कर रहा था।
रूसी हमलों में नागरिकों की मौत का सिलसिला जारी
यूक्रेन में रूसी हमलों के कारण नागरिकों की जान लगातार जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को निप्रो शहर के एक भीड़भाड़ वाले रेलवे प्लेटफॉर्म पर रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा दो अन्य शहरों में दिन के समय हुए हमलों में पांच लोगों की जान गई, जबकि कीव में मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई।
पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
अमेरिका ने पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। जुलाई में अमेरिकी सेना ने लॉकहीड मार्टिन को पैट्रियट इंटरसेप्टर के निर्माण के लिए 58.6 अरब डॉलर तक का अनुबंध दिया था।
कंपनी के मुताबिक, इस समझौते से 2030 के अंत तक पीएसी-3 एमएसई मिसाइलों की उत्पादन क्षमता तीन गुना करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही अर्कांसस के कैमडेन स्थित संयंत्र में कर्मचारियों की संख्या 1,200 से बढ़ाकर करीब 1,850 करने की योजना है।
लॉकहीड मार्टिन पहले ही पैट्रियट पीएसी-3 इंटरसेप्टर का वार्षिक उत्पादन बढ़ाकर 2,000 मिसाइलों तक पहुंचाने की घोषणा कर चुकी है।
यूक्रेन की रक्षा जरूरतों के लिए 60 अरब यूरो का प्रावधान
यूरोपीय संघ का ‘यूक्रेन सपोर्ट लोन’ कार्यक्रम वर्ष 2026-2027 के लिए 90 अरब यूरो तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की योजना का हिस्सा है। इसमें से 60 अरब यूरो यूक्रेन की रक्षा जरूरतों के लिए निर्धारित किए गए हैं। यूरोपीय आयोग ने इस राशि का इस्तेमाल अमेरिका में निर्मित पैट्रियट मिसाइलों की खरीद के लिए करने की मंजूरी दी है।
अमेरिका की ओर से सहयोगी देशों को हथियारों की आपूर्ति और ईरान में जारी सैन्य अभियानों के कारण उसके अपने हथियार भंडार पर भी दबाव बढ़ने की चिंताएं हैं। ऐसे में यूक्रेन को तत्काल वायु रक्षा मिसाइलें उपलब्ध कराना और भविष्य की आपूर्ति सुनिश्चित करना अमेरिकी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।






