रामगढ़। जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत चितरपुर बाजार स्थित शिव शंकर ज्वेलर्स में हुई डकैती मामले में गैंग के सदस्यों का खुलासा हो गया है। दुकानदार विष्णु प्रसाद की सूझबूझ से पकड़े गए दो आरोपियों ने पूछताछ में पूरे गिरोह का राज खोल दिया।
पकड़े गए आरोपी
गिरफ्तार अपराधियों में कुजू ओपी क्षेत्र के बरकट्ठी गांव निवासी सुभानी अंसारी और पंडरा थाना क्षेत्र के हेसल निवासी आनंद कुमार शामिल हैं।
मास्टरमाइंड समेत अन्य आरोपी
पूछताछ में पता चला कि इस डकैती का मास्टरमाइंड नालंदा जिला के नूरसराय थाना क्षेत्र के गनपुरा गांव निवासी विभाष पासवान उर्फ मृगेंद्र पासवान है। इसके अलावा रामगढ़ थाना क्षेत्र के मनुआ फुलसराय गांव निवासी शमशेर आलम समेत कुल सात अपराधी इस वारदात में शामिल थे।
5 आरोपी फरार, लाखों की लूट
घटना को अंजाम देने के बाद गैंग के पांच सदस्य फरार हो गए। अपराधियों ने करीब 500 ग्राम सोने के जेवर, 20 किलोग्राम चांदी के आभूषण और एक लाख रुपये नकद लूटे, जिसकी कुल कीमत लगभग 1.05 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
फिल्मी अंदाज में वारदात
गिरफ्तार आरोपी आनंद कुमार ने बेहद नाटकीय तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज में वह पहले ग्राहक बनकर कई दुकानों में गया और रेकी की। शिव शंकर ज्वेलर्स में ज्यादा आभूषण होने की पुष्टि होने के बाद उसने अपने साथियों को बुलाया और लूटपाट शुरू कर दी।
लूट के दौरान उसने काउंटर से जेवर और नकदी बैग में भरे। साथी फरार होने लगे तो वह दोबारा ग्राहक बनने की कोशिश करने लगा, लेकिन सुभानी अंसारी के पकड़े जाने के बाद उसका भी भंडाफोड़ हो गया।
लोगों ने पकड़ा, पुलिस ने दर्ज किया केस
दुकानदारों ने सुभानी अंसारी से पिस्तौल छीन ली और दोनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। रजरप्पा थाना पुलिस ने दुकानदार विष्णु प्रसाद के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कई जिलों में छापेमारी
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। बोकारो, रांची, हजारीबाग, रामगढ़ के अलावा बिहार के नवादा, नालंदा, अरवल और जहानाबाद में भी छापेमारी की जा रही है।
अस्पताल में दिया फर्जी पता
घटना में घायल सुभानी अंसारी और आनंद कुमार का इलाज रामगढ़ सदर अस्पताल में कराया गया। इस दौरान आनंद ने अपना नाम और पता फर्जी दर्ज कराया, जिसे पुलिस जांच में गलत पाया गया।
पुलिस कर रही गहन जांच
पुलिस अब मास्टरमाइंड विभाष पासवान और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने पहले किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है।






