–अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों का विरोध, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
रांची, 21 जुलाई । राजधानी रांची में सड़कों को अतिक्रमणमुक्त बनाने और यातायात को सुचारु रखने के उद्देश्य से नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को हरमू चौक पर सड़क किनारे लगाई गई 20 से अधिक अस्थायी दुकानों को बुलडोज़र की मदद से हटा दिया गया। इस दौरान मौके पर हल्का तनाव भी देखने को मिला, क्योंकि प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया।
व्यस्त मार्ग पर अतिक्रमण बना था समस्या
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, हरमू चौक शहर का एक महत्वपूर्ण और अत्यधिक व्यस्त चौराहा है, जो रातु रोड, अरगोड़ा और बिरसा चौक को जोड़ता है। इस मार्ग से लगातार वीआईपी मूवमेंट के साथ-साथ आम लोगों का भारी आवागमन होता है।
अधिकारियों ने बताया कि सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगने से—
- यातायात बाधित हो रहा था
- रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी
- सड़क की चौड़ाई कम हो रही थी
इन समस्याओं को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया गया।
बुलडोज़र से हटाई गई दुकानें
मंगलवार को नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोज़र के जरिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान 20 से अधिक अस्थायी दुकानों को तोड़ा गया और सड़क किनारे लगाए गए ढांचे हटाए गए।
दुकानदारों ने जताया विरोध
कार्रवाई के दौरान प्रभावित दुकानदारों ने विरोध जताते हुए कहा कि वे पिछले करीब 10 वर्षों से यहां दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अचानक की गई कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की—
- वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए
- पुनर्वास की व्यवस्था की जाए
- आजीविका सुरक्षित रखने के उपाय किए जाएं
नोटिस के बाद हुई कार्रवाई: निगम
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि—
- अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को पहले ही नोटिस दिया गया था
- उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे
- निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की गई
आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम ने कहा कि शहर को अतिक्रमणमुक्त बनाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सड़क किनारे अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर शहरों में अतिक्रमण बनाम आजीविका के मुद्दे को सामने लाती है, जहां एक ओर प्रशासन यातायात और व्यवस्था सुधारने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर छोटे दुकानदार अपनी जीविका को लेकर चिंतित हैं।






